हाईकोर्ट सख्त: बिना नोटिस नहीं चलेगा बुलडोजर, 30 दिन में फैसला करने का आदेश

हाईकोर्ट सख्त: बिना नोटिस नहीं चलेगा बुलडोजर, 30 दिन में फैसला करने का आदेश
कवर्धा | सबका संदेश न्यूज
कवर्धा शहर में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश देते हुए प्रशासन को बिना विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से रोक दिया है।
यह मामला राजमहल चौक से समनापुर मार्ग के बीच स्थित भूमि को लेकर है, जो कि आवेदक सत्यम शिवम सुन्दरम शुक्ला के स्वामित्व में दर्ज है। संबंधित भूमि का रकबा लगभग 48.19 वर्गमीटर है, जो राजस्व अभिलेख (नजूल) में विधिवत दर्ज है।
📌 क्या है पूरा मामला
आवेदक के अनुसार, नगर पालिका और नजूल विभाग द्वारा सड़क चौड़ीकरण के नाम पर:
बिना नोटिस दिए
बिना मुआवजा तय किए
बिना भू-अधिग्रहण प्रक्रिया अपनाए
बिना सुनवाई का अवसर दिए
कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। यहां तक कि मकान पर लाल निशान लगाकर तोड़फोड़ की आशंका भी जताई गई।
⚖️ हाईकोर्ट में क्या हुआ
इस मामले को लेकर आवेदक ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 992/2026 दायर की। सुनवाई के दौरान:
नगर पालिका अधिकारी ने कोर्ट में कहा कि सिर्फ सीमांकन किया गया है, तोड़फोड़ नहीं होगी
यदि भविष्य में कोई कार्रवाई होगी तो पूर्व सूचना दी जाएगी
आवेदक के आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया
📢 कोर्ट का सख्त आदेश
माननीय उच्च न्यायालय ने आदेश देते हुए कहा:
👉 आवेदक द्वारा 13 जनवरी 2026 को दिए गए आवेदन का
30 दिनों के भीतर निराकरण किया जाए
👉 बिना विधिक प्रक्रिया के कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती
🏠 संपत्ति पर स्वामित्व का दावा मजबूत
विज्ञप्ति जारीकर्ता ने बताया कि:
भूमि दानपत्र के माध्यम से प्राप्त है
नजूल रिकॉर्ड में स्वामित्व दर्ज है
चबूतरा और कॉम्पलेक्स भी स्वामित्व भूमि में शामिल हैं
इसलिए प्रशासन एक इंच भी बिना कानून के कार्रवाई नहीं कर सकता।
📊 RTI में हुआ बड़ा खुलासा
सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त जानकारी के अनुसार:
चौड़ीकरण के लिए कोई टाउन प्लानिंग गाइडलाइन नहीं
भू-अधिग्रहण की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं
राज्य शासन का कोई आदेश नहीं
नगर पालिका में कोई प्रस्ताव पास नहीं
⚠️ प्रशासन पर बढ़ा दबाव
अब जबकि प्रशासन ने स्वयं कोर्ट में कोई तोड़फोड़ नहीं करने की बात कही है, ऐसे में:
👉 आगे हर कदम कानूनी प्रक्रिया के तहत ही उठाना होगा
👉 कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं
🗣️ क्या कहा विज्ञप्ति जारीकर्ता ने
अधिवक्ता सत्यम शिवम सुन्दरम शुक्ला ने कहा कि:
“प्रशासन को केवल स्वीकृत कार्य — सड़क और नाली निर्माण — पर ही ध्यान देना चाहिए।
बिना प्रक्रिया चौड़ीकरण करना कोर्ट के आदेश की अवहेलना होगी।”
📎 निष्कर्ष
कवर्धा में सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा अब पूरी तरह कानूनी दायरे में आ चुका है, और बिना नियमों के कोई भी कार्रवाई प्रशासन के लिए भारी पड़ सकती है।



