छत्तीसगढ़

रेत का आबंटन हुआ नहीं फिर भी जारी है उत्खनन, अनुमति सिर्फ परिवहन की

सबका संदेश (10/05/2020)

कोण्डागांव। जिले में खनिज विभाग के द्वारा एक भी रेत खदान आबंटित नहीं किया गया है, लेकिन शहर के आसपास के नदियों से लगातार रेत का अवैध दोहन जारी है और इन्ही अवैध रेत से सरकारी से लेकर पर्यवेट ईमारतों के साथ ही पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है। लेकिन जिन इलाकों से रेत का खनन किया जा रहा है। वहॉ नियम-कायदों को दरकिनार करते हुए पूरी तरीके से अवैध कार्य किया जा रहा है। इस तरह से खनिज दोहन से शासन प्रशासन को मिलने वाला रायल्टी का नुकसान हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक जिले में रेत खदान घोषित करने की प्रकिया पिछले कई दिनों से जारी है, लेकिन यहॉ टेंडर होने के बाद भी यह प्रक्रिया अटकी हुई है। वही टेंडर प्रक्रिया के मामले में कुछ ठेकेदारों ने न्यायालय से भी गुहार लगा रखी है। हालांकि खनिज विभाग समय-समय पर अवैध उत्खनन पर अपनी कार्यवाही करता रहता है, बावजूद इसके जिले में अवैध उत्खन धड़ल्ले से जारी है। जिस पर विभाग ने आप चुप्पी साध ली है।

निर्माण कार्य प्रभावित न हो इसलिए दी परिवहन की अनुमति 

लॉकडाउन में मिली ढील के बाद निर्माण कार्यो में किसी तरह की दिक्कत व काम प्रभावित न हो इसलिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने रेत परिवहन करने की अनुमति दे रखी है। जिसका दूरूपयोग ठेकेदारों के द्वारा  किया जा रहा है, रेत परिवहन करने एसडीएम के द्वारा मिले इस अनुमति को ही रेत उत्खनन करने का अधिकार मानकर चले है और अवैध तरीके से नगर के आसपास के नदियों से रेत धड़ल्ले से निकाला जा रहा है। यह सबकुछ खनिज विभाग के नाक के नीचे हो रहा है और विभाग ये सबकुछ देखते हुए भी अनजान बना हुआ है। जिससे खनिज उत्खनन के निर्धारित मापदंडो की धज्जियां उड़ रही है।

निर्माण कार्य प्रभावित न हो इसलिए मांग के आधार पर रेत परिवहन की अनुमति प्रदान की गई है। अनुमति पत्रक में रेत खनन किए जाने का उल्लेख नही है।
   पवन कुमार प्रेमी, एसडीएम

खदान के लिए हमारी पूरी प्रक्रिया हो चूकी है केवल पर्यावरण की अनुमति बाकी है वहॉ से क्लीयरेंश मिलते ही रेत खदान नियमानुसार दे दिया जाएगा।
    नेहा टंडन, खनिज अधिकारी

Related Articles

Back to top button