छत्तीसगढ़

हुआ खबर का असर खाद्य विभाग पहुचा वनउसरी, कराया खाद्यान्न का वितरण , मेहनत रंग लाई समाज सेवियों की

कोण्डागांव । खाद्य विभाग कोण्डागांव के दो अधिकारी 14 जुलाई को ही ग्राम पंचायत माकडी के आश्रित ग्राम वनउसरी पहुंचे और ग्रामवासियों को खाद्यान्न वितरण नहीं होने के मामले का जांच कर खाद्यान्न का वितरण शुरू कराया। खाद्य अधिकारियों द्वारा ऐसी त्वरित कार्यवाही केवल और केवल समाज सेवियों द्वारा 13 जुलाई को ग्राम वनउसरी में पहुंचकर ग्रामीणजनों को चावल वितरण किए जाने और उक्त खबर को हमने अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाषित करने तथा ग्रामीणजनों की समस्या को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान करने का आग्रह करने का ही परिणाम माना जा सकता है।

कुल मिलाकर समाज सेवियों द्वारा 13 जुलाई को की गई मेहनत रंग लाई और खबर प्रकाषन के अगले ही दिन ग्रामवासियों की समस्या का समाधान हुआ। खाद्य विभाग के अधिकारियों के जांच के लिए गांव में पहुंचे होने की जानकारी ग्रामवासियों से मिलने के बाद ग्राम वनउसरी में पहुंचे प्रेस प्रतिनिधियों के सामने ही खाद्य विभाग कोण्डागांव के दो फूड आॅफिसर वरिष्ठ खाद्य निरीक्षक नवीन श्रीवास्तव एवं खाद्य निरीक्षक हितेष दास मानिकपुरी ने ग्रामवासियों से खाद्यान्न वितरण नहीं होने के संबंध में बयान लेकर पंचनामा तैयार किया और उचित मूल्य दुकान संचालक को नियमित खाद्य वितरण करने की हिदायत देने के साथ ही तुरंत खाद्यान्न का वितरण भी शुरू करने को कहा गया, जिस पर रविवार छुट्टी का दिन होने के बावजूद सेल्स मेन ने ग्रामवासियों को चावल का वितरण करना शुरु कर दिया।

वहीं ग्रामवासियों को खाद्यान्न वितरण नहीं होने के मामले की जांच के दौरान उपस्थित ग्रामवासियों से ज्ञात हुआ कि राषन कार्ड पुस्तिका में राशन लेने के बाद किए जाने के लिए निर्धारित सभी पन्ने भर जाने के कारण उचित मूल्य दुकान संचालक द्वारा अपने पास रख लिया गया है और तीन माह बाद तक वापस नहीं किया गया है। यह जानकारी मिलने पर फूड आॅफिसर ने, दुकान संचालक के उक्त कृत्य को गलत बताया और राषन कार्ड को हितग्राहियों को जल्द से जल्द लौटाने की हिदायत भी दी।

इसी तरह गांव वालों से चर्चा के दौरान पता चला कि राशन दुकान संचालक राशन का वितरण स्थानीय नेतागिरी के कारण नहीं कर रहा था, कुछ ग्रामवासियों के बताए अनुसार विगत चुनाव में हारजीत के परिणाम आने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच पति को यह ज्ञात हुआ कि  वनउसरी के अधिकांश मतदाताओं ने उसके विरोधी राजनितिक दल को मतदान किया है और ऐसे भी वनउसरी ग्राम की कुछ जागरुक महिलाओं के साथ कलेक्टर को आवेदन देकर वनउसरी और बडेउसरी को मिलाकर नवीन ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग की जा रही है।

सरपंच पति की बात मानने वाले राशन दुकान संचालक द्वारा कभी शक्कर नहीं आया है कहकर तो कभी अन्य बहाना बनाकर राशन का वितरण नहीं कर रहा था, जैसे ही वनउसरी वासियों की उक्त समस्या की जानकारी कोण्डागांव नगर के सामाजिक कार्यकर्ता हेमेश गांधी को लगी, उन्होंने उक्त संबंध में अपने सामाजिक कार्यकर्ता मित्रों तिलक पाण्डे व शैलेष शुक्ला आदि से चर्चा किया और वे सभी नगर से चावल लेकर वनउसरी पहुंचे तथा गांववालों को थोडा-थोडा चावल उपलब्ध कराया, जिसे सोशल मिडिया में फैलाया और समाचार पत्र में प्रकाषित कराया गया। जिसका ही परिणाम रहा कि 14 जुलाई को खाद्य विभाग के दो अधिकारी अवकाश का दिन होने के बावजूद रविवार को ही वनउसरी पहुंचे और ग्रामवासियों की समस्या के समाधान में अपना अमूल्य योगदान दिया और वहीं वनउसरीवासियों ने समस्या का समाधान होने से राहत की सांस ली।

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