छत्तीसगढ़

आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं महतारी वंदन योजना की लाभार्थी

आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं महतारी वंदन योजना की लाभार्थी

महतारी वंदन योजना से सीता राजपूत के छोटे व्यवसाय को मिला संबल

कवर्धा, 12 मार्च 2026। कभी घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई की चिंता में घिरी रहने वाली महिलाओं के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना आज उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की मजबूत नींव बन रही है। कबीरधाम जिले की श्रीमती सीता राजपूत इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं, जिन्होंने इस योजना से मिली सहायता को अपने परिवार और छोटे व्यवसाय को मजबूत बनाने में लगाया है।
कबीरधाम जिले के वार्ड क्रमांक 08 में रहने वाली श्रीमती सीता राजपूत भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्हें अब तक महतारी वंदन योजना की 25 किस्तें मिल चुकी हैं। इस योजना से मिली राशि ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिली है। सीता राजपूत अपने पति के साथ मिलकर गुपचुप और पकौड़े का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। पहले सीमित आय के कारण घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई संभालना मुश्किल हो जाता था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनकी कई चिंताएं कम कर दी हैं।
सीता बताती हैं कि योजना की राशि हर महीने नियमित रूप से उनके बैंक खाते में जमा हो जाती है। शुरुआत में उन्होंने इस पैसे का उपयोग अपने बेटे की पढ़ाई के लिए किया, जिससे उसे पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली। बाद में उन्होंने इस राशि को अपने छोटे व्यवसाय में लगाना शुरू किया, जिससे उनके ठेले के काम में भी थोड़ा विस्तार हो पाया। अब तक उन्हें इस योजना के तहत करीब 25 हजार रुपये की सहायता मिल चुकी है। सीता राजपूत का कहना है कि यह योजना उनके जैसे कई परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। वे मानती हैं कि सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। सीता राजपूत आज गर्व से कहती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके परिवार को सहारा दिया है और उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने की नई ताकत दी

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