छत्तीसगढ़

Kondagaon: जनपद अध्यक्ष ने की घटिया राशन सामग्री व कम खाद्यान्न वितरण की जांच कर कार्यवाही की मांग

केशकाल। सूखा राशन सप्लायर द्वारा अधिकारियों को कमीशन की बात खुलकर सप्रमांण सामने नहीं आ रही है पर जनचर्चा जोरे पर है कि बडे नेता द्वारा अपने किस किस खासमखासों को कितना बांटा गया है लेकिन इस बात को लेकर आरोप प्रत्यारोप जारी है।

उल्लेखनीय है कि बच्चों को बाटने वाले राशन सामग्रियों में गुणवत्ता विहीन निम्न स्तर के सामग्री वितरण कर नन्हे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति खिलवाड किया जाने मामला प्रकाश में आने के बाद इन दिनों केशकाल एवं आसपास क्षेत्र में इस विषय को लेकर चर्चा पर जोरो पर है, चर्चा में यह सामने आने लगा है, कि राज्य सरकार द्वारा नन्हे बच्चों को कुपोषण से बचने के लिये पोषक आहार के प्रति संकल्पित होकर आंगनबाडी, प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल के बच्चों को भी पोषक आहर युक्त सामग्री वितरण करने के जोर शोर से प्रयास जारी है। किन्तु बच्चों को मिलने वाली सुखा राशन सामग्री में गुणवत्ताविहीन सामग्रियों में सोयाबिन बडी, तेल, नमक, दाल आदि कोरोना संक्रमण को देखते हुये प्रत्येक संकुल केन्द्र के माध्यम से संचालित प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला के बच्चों को प्रदाय करने के आदेश निर्देश के तहत ठेकेदार के माध्यम से गुणवत्ताहीन सामग्री डम्प करने व उससे मिलने वाले कमीशन में मारा-मारी की चर्चा इन दिनों जोरो पर है। पोषक आहर के नाम पर सुखा राशन सामग्री में घटिया खाने का तेल, टाटा नमक के स्थान पर ताजा नमक तथा अरहर दाल के नाम से निम्न स्तर का दाल साथ ही घटिया सोया बडी जो पानी में डालते ही घुलने की चर्चा जोरो पर है।

मीडिया में सामाचार प्रकाशन के बाद महेन्द्र नेताम अध्यक्ष जनपद पंचायत केशकाल द्वारा कलेक्टर जिला कोण्डागांव को इनके पत्र क्रं. 240/ज.प. दिनांक 17/11/2020 के तहत पत्र प्रेषित करते हुये मामले के निषपक्ष जांच हेतु उनके संदर्भित लोक शिक्षण संचालनालय अटल नगर नवा रायपुर दिनांक 20 सितम्बर 2020 जारी पत्र 388/खाद्य सुरक्षा अधिनियम का संदर्भ में अवलोकन करने का उल्लेख करते हुये विकासखण्ड केशकाल में कोरोना कोविड 19 संक्रमण काल में शालाओं के बंद रहने की अवधि 11 अगस्त 2020 से 31 अक्टूबर 2020 तक बच्चों को खाद्यान सुखा भत्ता के रूप में 63 दिवस के लिये सूखा राशन वितरण हेतु संकुल केन्द्रों में पहॅुचाई गई राशन सामग्री गुणवत्ता विहीन एवं राज्य शासन के निर्धारित मात्रा में भी कमी होने के साथ संकुल केन्द्रों में निरीक्षण के दौरान घटिया राशन सामग्री पाये जाने व जिससे पता चलता है कि संबंधित फर्म/ठेकेदार को लाभ पहॅुचाने हेतु राज्य शासन द्वारा जारी गाईडलाईन का सीधा उल्लंघन बताया गया है। उक्त मामले पर जनपद अध्यक्ष ने मामले पर खिलवाड करने वाले खण्ड शिक्षा के विभाग के अधिकारी, फर्म, ठेकेदार के खिलाफ सक्त जांच कार्यवाही करने की मांग कलेक्टर से की है।

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