छत्तीसगढ़

कभी नक्सल प्रभाव का प्रमुख केंद्र रहे कुतुल में गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश

कभी नक्सल प्रभाव का प्रमुख केंद्र रहे कुतुल में गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश

नारायणपुर, 17 अगस्त 2026// देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 41वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र के सीओबी कुतुल, कस्तूरमेटा, बेडमाकोटी, पदमकोट एवं नेलांगुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षाेल्लास, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। विशेष रूप से कुतुल क्षेत्र, जो कभी नक्सली गतिविधियों के प्रभाव वाले क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास एवं जनभागीदारी का सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा।

          सी ओ बी  कुटुल में मुख्य समारोह के दौरान 41वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कमांडेंट श्री बेनुधर नायक ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के अधिकारी-जवानों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कमांडेंट ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

          समारोह में स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। ग्रामीणों और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने क्षेत्र में बदलते सामाजिक वातावरण और सुरक्षा बलों के प्रति बढ़ते विश्वास को प्रदर्शित किया।

          इस अवसर पर कमांडेंट श्री बेनुधर नायक द्वारा जरूरतमंद ग्रामीणों को साड़ी, शॉल एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। वहीं सी ओ बी कुतुल में स्थानीय ग्रामीणों के लिए बड़ा खाना (सामूहिक भोज) भी आयोजित किया गया। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों और ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी भाईचारे, अपनत्व और विश्वास की भावना और मजबूत हुई।

          इसी क्रम में सी ओ बी कस्तूरमेटा, बेडमाकोटी, पदमकोट एवं नेलांगुर में भी कमांडेंट श्री बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए। सभी स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया तथा स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने पारंपरिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ग्रामीणों और प्ज्ठच् जवानों के लिए सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।

          41वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा दायित्वों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय से निरंतर संवाद, संपर्क एवं समन्वय स्थापित कर विश्वास निर्माण और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय पर्वों का ग्रामीणों के साथ सामूहिक आयोजन इसी प्रयास की महत्वपूर्ण कड़ी है। कुतुल जैसे क्षेत्र में, जहां कभी नक्सली प्रभाव की पहचान थी, आज राष्ट्रीय ध्वज के नीचे ग्रामीणों और सुरक्षा बलों की संयुक्त भागीदारी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामूहिक भोज शांति, विश्वास और बदलते अबूझमाड़ की नई तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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