मावा मीन अभियान से ग्रामीण आजीविका को मिली नई दिशा’

मावा मीन अभियान से ग्रामीण आजीविका को मिली नई दिशा’
’165 डबरियों में पहुंचा मत्स्य बीज, 200 डबरियों में मत्स्य पालन का लक्ष्य’
नारायणपुर, 28 सितंबर 2026 // ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सुदृढ़ करने, जल संरचनाओं के बहुउपयोग को बढ़ावा देने और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिले में “मावा मीन अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत मनरेगा/वीबी-जी राम जी योजना से निर्मित डबरियों को मत्स्य पालन से जोड़कर ग्रामीणों को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जिले में 200 डबरियों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध अब तक 165 डबरियों में मत्स्य बीज का संचयन एवं वितरण किया जा चुका है। मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज के साथ हितग्राहियों को तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। वहीं, वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से डबरी निर्माण एवं गहरीकरण के कार्यों को बढ़ावा मिला है।
’सुरेन्द्र नाग ने मत्स्य पालन को बनाया आय का जरिया’
ग्राम करलखा निवासी श्री सुरेन्द्र नाग ने शासकीय योजना का लाभ लेकर मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बनाया। वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्होंने अपनी निजी भूमि पर 1 हेक्टेयर जलक्षेत्र में तालाब का निर्माण कराया। लगभग 7 लाख रुपये की लागत से बने तालाब के लिए उन्हें 4.20 लाख रुपये का शासकीय अनुदान मिला, जबकि 2.80 लाख रुपये उन्होंने स्वयं लगाए।
मत्स्य विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर वे अब प्रतिवर्ष लगभग 1000 से 2000 किलोग्राम मछली और 150 किलोग्राम झींगा का उत्पादन कर रहे हैं। इससे उन्हें प्रतिवर्ष करीब 2.50 से 3.50 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
वर्ष 2025-26 में उन्हें झींगा सह मछली पालन योजना के तहत झींगा बीज भी उपलब्ध कराया गया। वर्तमान में वे मत्स्य पालन के साथ झींगा एवं मुर्गी पालन भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय के स्रोतों में वृद्धि हुई है।
श्री सुरेन्द्र नाग बताते हैं कि शासकीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन एवं मत्स्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।



