गांव की साफ-सफाई, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और इससे जुड़ी आजीविका है मुख्य लक्ष्य

सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 अंतर्गत ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन हो रही है स्वच्छता गतिविधियां
गांव की साफ-सफाई, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और इससे जुड़ी आजीविका है मुख्य लक्ष्य
कवर्धा 22 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन ग्रामीणों द्वारा स्व प्रेरणा से किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के साथ स्वच्छता ही सेवा 2026 का आयोजन हो रहा है। इस दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन स्वच्छता गतिविधि आयोजित कर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत की थीम पर अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ एवं विकसित भारत के विजन एवं संकल्प को साकार करना है और यह तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक की सामूहिक भूमिका इसमे होगा। इसलिए ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की गतिविधियों से जन जागरूकता लाई जा रही है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य जनभागीदारी से जन-जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है। सामूहिक प्रयासों से ग्रामों एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना है। स्वच्छता ही सेवा संकल्प अभियान 2026 कैलेंडर अनुसार गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। घर-घर कचरा कलेक्शन से महिला समूह के सदस्यों को स्वरोजगार मिल रहा है। इस अभियान से आजीविका समर्थन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजनित हो रहे हैं।
स्वच्छता ही सेवा अंतर्गत प्रमुख गतिविधियां:
घर-घर कचरा कलेक्शन: स्वच्छता दीदियों द्वारा प्रतिदिन ट्राईसाइकिल के माध्यम से घर-घर से सूखा एवं गीला कचरा पृथक-पृथक संग्रहित किया जा रहा है।
श्रमदान कार्यक्रम: ग्राम पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वच्छाग्रहियों एवं ग्रामीणों द्वारा सामुदायिक स्थलों, नाली एवं सड़कों की साफ-सफाई की जा रही है।
कचरा पृथक्करण एवं निपटान: संग्रहित कचरे का एसएलआरएम सेंटर में वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण एवं निपटान हो रहा है।
जन जागरूकता: स्वच्छता ही सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रैली एवं चौपाल का आयोजन हो रहा है।
स्वच्छता लक्षित इकाई का समयबद्ध रूपांतरण: डंपिंग स्थल का चिन्हांकन कर इसका सौंदर्यीकरण कार्य ग्रामीणों की सहभागिता से किया जा रहा है।
स्वच्छ पाठशाला: ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत 4 प्रकार के अपशिष्ट पृथक्करण पर स्कूली बच्चों के माध्यम से जागरूकता अभियान एवं वाल पेंटिंग, थीम आधारित कला द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है।
स्वच्छ सार्वजनिक स्थल: नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों की साफ-सफाई।
स्वच्छ पर्यटन स्थल: पर्यटन स्थल,धार्मिक एवं जन आवागमन वाले स्थलों पर साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है।
सफाई मित्र सुरक्षा शिविर: इस अभियान के दौरान स्वच्छता दीदियों एवं सफाई मित्रों का स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।


