भारत के शहरी विकास में वैश्विक निवेश और आधुनिक तकनीक की भागीदारी बढ़ाने की पहल, श्री तोखन साहू ने स्पेनिश उद्योग जगत को दिया साझेदारी का आमंत्रण, मैड्रिड में स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण संवाद; ₹4 लाख करोड़ के शहरी निवेश अवसर, जल प्रबंधन, स्वच्छता और स्मार्ट मोबिलिटी में भारत-स्पेन सहयोग को नई ऊंचाई देने पर जोर

भारत के शहरी विकास में वैश्विक निवेश और आधुनिक तकनीक की भागीदारी बढ़ाने की पहल, श्री तोखन साहू ने स्पेनिश उद्योग जगत को दिया साझेदारी का आमंत्रण, मैड्रिड में स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण संवाद; ₹4 लाख करोड़ के शहरी निवेश अवसर, जल प्रबंधन, स्वच्छता और स्मार्ट मोबिलिटी में भारत-स्पेन सहयोग को नई ऊंचाई देने पर जोर
मैड्रिड, 05 नवंबर 2026।
भारत के शहरी विकास को वैश्विक निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता से जोड़ने की दिशा में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने स्पेनिश उद्योग जगत को भारत की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। स्पेन की आधिकारिक यात्रा के दौरान मैड्रिड में स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के साथ आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने शहरी आधारभूत संरचना, जल प्रबंधन, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, आधुनिक परिवहन और स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्रों में निवेश एवं तकनीकी सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की। बैठक में स्पेनिश उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत के साथ काम करने और निवेश की संभावनाओं को लेकर गहरी रुचि प्रदर्शित की।
श्री साहू ने कहा कि वर्ष 2026 भारत और स्पेन के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ का विशेष अवसर है। यह अवसर दोनों देशों के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आधुनिक, समावेशी, स्वच्छ और सतत शहरों के निर्माण की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। इस परिवर्तनकारी यात्रा में अंतरराष्ट्रीय निवेश, आधुनिक तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
₹4 लाख करोड़ के शहरी निवेश अवसरों में स्पेनिश कंपनियों को आमंत्रण
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अर्बन चैलेंज फंड पहल का उल्लेख करते हुए श्री साहू ने बताया कि इसके अंतर्गत ₹1 लाख करोड़ की केन्द्रीय सहायता से अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में लगभग ₹4 लाख करोड़ के कुल निवेश को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य है। इस योजना में परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक केन्द्रीय सहायता तथा कम से कम 50 प्रतिशत वित्तपोषण बाजार से जुटाने का प्रावधान है। इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी, बैंक ऋण और म्युनिसिपल बॉण्ड के माध्यम से निवेश के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पेनिश कंपनियों को भारत के शहरी बुनियादी ढांचे, आवास, शहरी सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में निवेश एवं तकनीकी भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।
जल प्रबंधन में स्पेन की उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का आह्वान
जल सुरक्षा को भविष्य के शहरों की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए श्री साहू ने अमृत 2.0 के अंतर्गत सभी सांविधिक शहरों में प्रत्येक शहरी परिवार तक नल के माध्यम से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को रेखांकित किया। उन्होंने स्पेन की प्रमुख कंपनी एक्कियोना (ACCIONA) की समुद्री जल को पेयजल में परिवर्तित करने वाली डिसैलिनेशन तकनीक और जल शोधन के क्षेत्र में उसकी विशेषज्ञता का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, नवाचार और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
स्वच्छ भारत मिशन की उपलब्धियां, कचरे से ऊर्जा उत्पादन में सहयोग
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री साहू ने बताया कि शहरी ठोस कचरा प्रसंस्करण की दर वर्ष 2014 के लगभग 16 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत शहरी कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, पुनर्चक्रण, संसाधनों के पुनः उपयोग और कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में स्पेन की उन्नत तकनीक, औद्योगिक अनुभव और विशेषज्ञता भारत के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकती है। उन्होंने स्पेनिश कंपनियों को वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश एवं तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रित किया।
जल प्रबंधन, वेस्ट-टू-एनर्जी और स्मार्ट मोबिलिटी में 2 से 3 पायलट परियोजनाओं का प्रस्ताव
बैठक के दौरान श्री साहू ने जल प्रबंधन, वेस्ट-टू-एनर्जी और स्मार्ट मोबिलिटी के क्षेत्रों में 2 से 3 पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य दोनों देशों की तकनीकी विशेषज्ञता और औद्योगिक अनुभव को ठोस परियोजनाओं में परिवर्तित करना तथा सफल सहयोग मॉडल विकसित करना है, जिन्हें भविष्य में व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।
श्री साहू ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच सहयोग की संभावनाएं केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह आधुनिक, समावेशी और सतत शहरों के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता भी है। भारत स्पेनिश कंपनियों को केवल एक विशाल बाजार के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, निवेश और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के विश्वसनीय अवसर के रूप में आमंत्रित करता है।
बैठक में स्पेनिश उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया और निवेश के प्रति प्रदर्शित रुचि भारत-स्पेन संबंधों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। दोनों देशों के बीच तकनीकी विशेषज्ञता, औद्योगिक अनुभव और निवेश का समन्वय भविष्य में शहरी विकास के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।


