स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से गंभीर निमोनिया से पीड़ित 5 वर्षीय बैगा बालक की बची जान

स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से गंभीर निमोनिया से पीड़ित 5 वर्षीय बैगा बालक की बची जान
बीएमओ डॉ. जानकीशरण चन्द्रवंशी ने वनांचल गांव पहुंचकर की जांच, 15 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौटा बालककवर्धा, 05 नवंबर 2026। स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और चिकित्सकों के समर्पित प्रयासों से दूरस्थ वनांचल ग्राम डेंगुरजाम के पारा टेंड़ापानी में गंभीर निमोनिया से पीड़ित 5 वर्षीय बैगा बालक को नया जीवन मिला है। समय पर बीमारी की पहचान और बेहतर उपचार मिलने से बालक अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गया है। पंडरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत अमनिया के आश्रित ग्राम डेंगुरजाम के पारा टेंड़ापानी में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बालक में गंभीर निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण पाए गए। बालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएमओ डॉ. जानकीशरण चन्द्रवंशी ने तत्काल पहल करते हुए उसे माता-पिता के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया पहुंचाया और उपचार के लिए भर्ती कराया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे के निर्देशानुसार वनांचल क्षेत्रों में बैगा परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान बालक की बीमारी की पहचान हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कुणाल बिसेन के मार्गदर्शन और बीएमओ डॉ. चन्द्रवंशी की नियमित निगरानी में बालक का 15 दिनों तक गहन उपचार किया गया। उपचार के बाद 31 अक्टूबर को बालक को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बच्चे के स्वस्थ होकर घर लौटने से माता-पिता और परिजनों में खुशी का माहौल है। परिवार ने चिकित्सकों की तत्परता, बेहतर उपचार और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुर्रे के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के दूरस्थ वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य बीमारियों की समय पर पहचान कर जरूरतमंद मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



