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CBSE को मिला नया बॉस: लोखंडे प्रशांत सीताराम बने चेयरमैन, वरुण भारद्वाज को मिली सचिव की कमान

नई दिल्ली। ऑन-स्क्रीन मार्किंग के जरिए बारहवीं के छात्रों के कराए गए मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों को लेकर विवादों में घिरे सीबीएसई के खिलाफ सरकार मंगलवार को एक्शन में दिखी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश के बाद सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। यही नहीं, आन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) से जुडे टेंडर मामले की जांच के लिए भी एक सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसका जिम्मा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान को सौंपा गया है। उन्हें एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।इस बीच, केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन और इंडियन इंफोर्मेशन सर्विस के अधिकारी वरुण भारद्वाज को सचिव नियुक्त किया है।

दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने पहले ही ओएसएम के जरिए कराए गए मूल्यांकन से जुड़ी गड़बड़ी पर एक रिपोर्ट मांगी थी, जो सोमवार देर रात ही उसे सौंप दी गई थी। इस रिपोर्ट के बाद ही यह संकेत मिलने लगे थे कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। असली दोषी की पहचान तो जांच के बाद होगी, लेकिन सीबीएसई चेयरमैन और सचिव को अब कोई राहत न देने का फैसला हुआ। वैसे भी फिलहाल वही इस पूरी खामी के लिए चेहरा बने हुए थे।

पुनर्मूल्यांकन के लिए पूरा सिस्टम फेल

सूत्रों की मानें तो पीएमओ इस बात से भी सीबीएसई से नाराज था कि वह गड़बड़ियों के सामने आने के बाद भी उसे ठीक करने में वह असफल रहा है। छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है। पहले पुनर्मूल्यांकन का फैसला लेने में देरी और फिर बाद में पुनर्मूल्यांकन के लिए उसका पूरा सिस्टम भी फेल हो गया था। सीबीएसई से जुड़ी गड़बड़ियों पर पहली कार्रवाई मंगलवार को कैबिनेट सचिवालय की ओर से की गई है। इसमें ओएसएम मूल्यांकन से जुड़े टेंडर प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी का एलान किया गया।

कौन हैं एस राधा चौहान?

जांच कमेटी का जिम्मा कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस राधा चौहान को सौंपा गया। चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और केंद्र सरकार में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव भी रह चुकी हैं। प्रशासनिक सुधार, मानव संसाधन प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव ( कैबिनेट) सत्येंद्र सिंह ने जांच का आदेश जारी करते हुए कमेटी से एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को सौंपने के लिए कहा है। कमेटी को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह अपनी पसंद के किसी भी अधिकारी को अपने साथ नियुक्त कर सकती है। सूत्रों का दावा है कि एस राधा चौहान कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कुछ और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

13 मई को रिजल्ट आने के साथ ही शुरू हो गया था विवाद

सीबीएसई के मूल्यांकन से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर यह पूरा विवाद 13 मई को बारहवीं कक्षा का रिजल्ट आने के साथ ही खड़ा हो गया था। छात्रों ने इस दौरान कम अंक मिलने की शिकायत की। इसे पहले सीबीएसई ने अनसुना कर दिया लेकिन जब यह मामला तूल पकड़ा तो सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन और कापियों को मुहैया कराने का फैसला लिया। हालांकि इस दौरान कुछ छात्रों को जो कापियां मुहैया कराई थीं, वह उनके बजाय किसी दूसरी की दे दी गई थीं। छात्रों की आपत्ति के बाद गड़बड़ियों ने और तूल पकड़ा। जो अभी तक जारी है।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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