छत्तीसगढ़

छप्पर वाले घर से खुशहाल जीवन तक पहुंचा गंधर्व परिवार

छप्पर वाले घर से खुशहाल जीवन तक पहुंचा गंधर्व परिवार

शासकीय योजनाओं ने बदली जिंदगी, अब बच्चों के सुनहरे भविष्य का सपना होगा पूरा

कवर्धा 22 अक्टूबर 2026। कभी छप्पर वाले मकान में बड़े परिवार के साथ गुजर-बसर करने वाले सुभाष गंधर्व के जीवन में अब बदलाव की नई उम्मीद जगी है। सीमित जमीन, आर्थिक चुनौतियों और परिवार की बड़ी जिम्मेदारियों के बीच सुभाष मेहनत से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार की जिंदगी पहले से बेहतर हुई है और अब उन्हें अपने चारों बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद है।
सुभाष गंधर्व के परिवार में पत्नी लता बाई, दो बेटियां और दो बेटे हैं। चारों बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों की शिक्षा और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए सुभाष खेती के साथ मजदूरी भी करते हैं। उनके पास करीब 50 डिसमिल जमीन है। इससे परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं है, इसलिए वे अधिया पर जमीन लेकर खेती करते हैं। साथ ही राईस मिल में काम करते हैं और वीबी-जी राम जी योजना के तहत भी रोजगार प्राप्त करते हैं।

आवास योजना से दूर हुई बड़ी परेशानी

सुभाष के परिवार के लिए सबसे बड़ी परेशानी रहने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित मकान की थी। पहले परिवार छप्पर वाले मकान में रहता था। परिवार बड़ा होने के कारण सभी सदस्यों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। शासन की आवास योजना का लाभ मिलने से परिवार को बेहतर आवास की सुविधा मिली और रहने की परेशानी से बड़ी राहत मिली।

महतारी वंदन और गैस सुविधा से मिली राहत

सुभाष की पत्नी लता बाई को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। वहीं, परिवार को गैस सिलेंडर की सुविधा भी मिली है। इन योजनाओं से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिली है। सीमित संसाधनों के बीच परिवार को मिलने वाला यह सहयोग उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है।*

मेहनत के दम पर बच्चों के भविष्य को संवारने की कोशिश*

सुभाष आज भी खेती और कामकाज के माध्यम से परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनका प्रयास है कि आर्थिक परेशानियों का असर बच्चों की पढ़ाई पर न पड़े और वे शिक्षा हासिल कर बेहतर भविष्य बना सकें। सुभाष गंधर्व ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से अपने परिवार के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आवास, महतारी वंदन योजना एवं गैस सुविधा से उनके परिवार को राहत मिली है और जीवन पहले से बेहतर हुआ है।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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