वंदे मातरम् नहीं अपनाएंगे…’, राष्ट्रगीत के सम्मान में 3 मिनट तक खड़े रहने वाले उमर के बदले तेवर

वंदे मातरम् के सम्मान 3 मिनट 10 सेकंड तक खड़ा रहने के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राष्ट्रगीत को लेकर तीखे शब्द कहे हैं. उन्होंने कहा है कि पार्टी के रूप में हमने कभी भी वंदे मातरम को स्वीकार नहीं किया है और न ही आगे करेंगे. सीएम उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन दौरान राष्ट्र गीत के सम्मान में पूरे 3 मिनट 10 सेकंड तक खुड़े हुए थे. यहां वंदे मारतम् के पूरे 6 छंद बजाए गए थे.
लेकिन का अब एक अलग बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एक पार्टी के रूप में नेशनल कॉफ्रेंस ने कभी भी वंदे मारतम् को स्वीकार नहीं किया था. न ही आगे करेगा.
सीएम ने कहा, “राष्ट्रगीत को लेकर एक कानून बनाया गया है. ‘वंदे मातरम’ के सभी पद गाने के लिए अनिवार्य कर दिए गए हैं. यह नियम सिर्फ़ के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है; देश भर में सरकारी कार्यक्रमों के लिए यही प्रोटोकॉल है. इसका पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी. आज इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल के समापन समारोह में भी राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का गायन होगा. एक पार्टी के तौर पर हमने कभी ‘वंदे मातरम’ को नहीं अपनाया और न ही भविष्य में अपनाएंगे, लेकिन हमें कानूनी दायित्वों का पालन करना ही होगा.”
बता दें कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा उनके पिता फारूक अब्दुल्ला भी इस कार्यक्रम में शामिल थे. इस दौरान सभी नेता राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े रहे.
सीएम अब्दुल्ला के इस स्टैंड की सोशल मीडिया पर तारीफ हुई थी.
पत्रकार ज़फ़र चौधरी ने वीडियो शेयर करते हुए कहा था कि जहां दिल्ली में इस बात पर बहस हो रही है कि ‘वंदे मातरम’ का कितना हिस्सा गाया जाना चाहिए, वहीं कश्मीर ने इस मामले को बहुत आसानी से सुलझा लिया है – पूरा गीत, और उसके बाद पूरा राष्ट्रगान. कोई बहस नहीं, कोई ड्रामा नहीं, टीवी चैनलों के लिए कोई मसाला नहीं. बस संगीत.
कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के पहले दो छंदों को ही गाने का फैसला किया है.




