मैत्री कैफे में बदल रही पुनर्वास की तस्वीर

बंदूक से रोजगार तक
मैत्री कैफे में बदल रही पुनर्वास की तस्वीर
नारायणपुर,सितंबर 2026 // नारायणपुर जिला लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहा है। विशेष रूप से अबूझमाड़ क्षेत्र में अनेक लोगों का जीवन हिंसा, भय और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच प्रभावित हुआ। ऐसे वातावरण में नक्सली संगठन से बाहर निकलकर सामान्य सामाजिक जीवन में लौटना केवल हथियार छोड़ने तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके साथ सम्मानजनक आजीविका, सामाजिक स्वीकार्यता, पारिवारिक जीवन और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 लागू की गई है। नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित करना तथा उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, आर्थिक सहायता एवं अन्य पुनर्वास सुविधाओं से जोड़ना है। नारायणपुर में इस नीति को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक आजीविका से जोड़ने की दिशा में मैत्री कैफे एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।

