बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को प्रांत अध्यक्ष ने पूरी तरह से और व्यावहारिक बताया है
छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ मांग करता है कि रिक्त पदों पर सेवानिवृत कर्मचारियों के नियोजन के प्रस्ताव को तुरंत वापस लिया जाए
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छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे ने आज एक आवश्यक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए वन विभाग की वर्तमान नीतियों और हालिया प्रस्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त की है उन्होंने विरोध करते हुए विभाग में रिक्त पदों पर सेवा निवृत कर्मचारियों को पुनः नियोजित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है साथ ही मैदानी हमले पर व्यावहारिक कठिनाइयों को समझे बिना बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई है । सेवानिवृत्ति कर्मचारियों के नियोजन का कड़ा विरोध करते हुए जो प्रस्ताव लाया जा रहा है उसका विरोध किया है यह निर्णय छत्तीसगढ़ के लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं की भविष्य के साथ खिलवाड़ है संघ मांग करता है कि नृत्य पदों पर पहला अधिकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और सालों से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी का है इस प्रकार के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करना चाहिए साथ ही वनरक्षक वनपाल और उपवन क्षेत्रपाल के लिए लागू की जा रही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को प्रांत अध्यक्ष ने पूरी तरह से और व्यावहारिक बताया है दुबे जी ने स्पष्ट किया है कि मैदानी कर्मचारी 24 घंटे घने जंगलों में नेटवर्क विहीन क्षेत्र और दुर्गम वन्य जीव इलाकों में ड्यूटी करते हैं जंगल की सुरक्षा वन्य प्राणी संरक्षण और तस्करों को पकड़ने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती ऐसे में उन्हें मुख्यालय या निश्चित केंद्र पर आकर बायोमेट्रिक उपस्थिति लगाने के लिए मजबूर करना कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने वाला और व्यवहारिक है। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ मांग करता है कि रिक्त पदों पर सेवानिवृत कर्मचारियों के नियोजन के प्रस्ताव को तुरंत वापस लिया जाए और सभी रिक्त पदों पर नई सीधी भर्ती यथा अनुसार पदोन्नति कर भर जाए कार्य दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर नियमित पदों पर समायोजित किया जाए मैदानी अम्लीय वनरक्षक वनपाल क्षेत्रपाल की कार्य शैली को देखते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति जो कि आप व्यावहारिक है निर्देश को निरस्त किया जाए प्रदेश अध्यक्ष चेतावनी दी है कि यदि इन जायज मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया जाता और युवाओं तथा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी और इन कर्मचारियों के हितों की अच्छी की जाती है तो छत्तीसगढ़ बन कर्मचारी संघ पूरे प्रदेश में आंदोलन करने और कार्य का बहिष्कार करने के लिए बात होगा।


