
रायपुर: आदर्श मित्रता दिवस के भव्य आयोजन में झूम उठा विमतरा ऑडिटोरियम, मनाया गया ज़श्न-ए-मुहब्बत
रायपुर, 4 अगस्त 2026: मुस्लिम इंटेलेक्चुअल फोरम एवं सर्व आस्था मंच के संयुक्त तत्वावधान में आदर्श मित्रता दिवस (ज़श्न-ए-मुहब्बत) का भव्य समारोह विमतरा ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने एक साथ मित्रता का जश्न मनाया और भाईचारे की मिसाल पेश की।
विविधता में एकता की मिसाल
कार्यक्रम में 10 दोस्तों के ग्रुप ने विशेष रूप से भाग लिया, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोग शामिल थे। सभी दोस्तों ने एक-दूसरे को गले लगाकर पुरानी यादों को ताजा किया और आपसी सद्भाव, एकता व भाईचारे का संदेश दिया।
सुबह 10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में 8 स्कूलों के बच्चों ने जोरदार प्रस्तुतियाँ दीं। इंडियन पब्लिक स्कूल, होली क्रॉस, बैरन बाजार, मदर मैरी, थेलेसियम एकेडमी, एपीजे अब्दुल कलाम एकेडमी, माता सुंदरी, नुरानी और इकरा स्कूल के बच्चों ने डांस एवं स्लोगन के माध्यम से मित्रता और सद्भाव का संदेश दिया। सभी बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
मंच संचालन: सैय्यद अकील ने अपनी प्रभावशाली वाणी से पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
अध्यक्षता: जनाब सैय्यद फैजल रिज़्वी साहब (सर्व आस्था मंच)
कार्यक्रम संयोजक: नज़र हसन हुसैनी
प्रमुख वक्ताओं ने दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने साम्प्रदायिक सद्भाव और मित्रता की अहमियत पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता:
श्री गिरीश पंकज जी (वरिष्ठ पत्रकार)
स्वामी बृजनाथ आनंद जी (विवेकानंद आश्रम)
बिशप विक्टर हेनरी (बैरन बाजार चर्च)
जनाब हसन अली साहब (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी)
श्री नंदलाल जी (प्रवक्ता, शदाणी दरबार)
श्री डी.आर. महापात्रा जी (अध्यक्ष, AIIEA)
विशेष अतिथि: उमा शंकर व्यास, मजहर खान, आसिफ इकबाल सहित कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।
मुस्लिम इंटेलेक्चुअल फोरम के अध्यक्ष शकील अहमद, सेक्रेटरी आबिद खान तथा नूर मोहम्मद कुरैशी, बशीर खान, ज़फर अमजद, हाशिम साहब, मन मोहन सैलानी, सेबेस्टियन सर, प्रेम शंकर गौंटिया, रफीक खान, सिंतारा खान समेत दोनों संगठनों के सभी पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दोपहर 2 बजे समाप्त हुए इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि विविधता हमारी ताकत है और दोस्ती के रिश्ते किसी भी दीवार से ऊंचे होते हैं।




