छत्तीसगढ़

कवर्धा में व्यापारी आत्मघात पर आपात बैठक, बढ़ते तनाव पर चिंता60% से अधिक व्यापारी तनाव में, CAIT ने जांच, काउंसलिंग और त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई

कवर्धा में व्यापारी आत्मघात पर आपात बैठक, बढ़ते तनाव पर चिंता
60% से अधिक व्यापारी तनाव में, CAIT ने जांच, काउंसलिंग और त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई

कवर्धा में हाल ही में हुई दुखद व्यापारी आत्मघात घटना को लेकर कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), कवर्धा इकाई द्वारा एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के विभिन्न ट्रेड के प्रमुख व्यापारी प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

CAIT ने स्पष्ट किया कि यह पूरा मामला अभी जांच का विषय है, क्योंकि पीड़ित व्यापारी एवं उनका परिवार वर्तमान में बयान देने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में संगठन ने पुलिस प्रशासन से इस प्रकरण की सभी पहलुओं से निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है। इस संबंध में कैट के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश आहूजा ने कहा कि “ऐसे मामलों में जल्दबाजी नहीं, बल्कि सच्चाई तक पहुंचने के लिए गंभीर जांच जरूरी है।”

बैठक में यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि यह घटना अत्यधिक मानसिक तनाव की स्थिति में उठाया गया कदम प्रतीत होती है। CAIT के जिलाध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा कि “आज व्यापारी लगातार बढ़ते आर्थिक, प्रशासनिक और मानसिक दबाव के बीच काम कर रहा है, ऐसे में उसकी समस्याओं को समझना बेहद जरूरी है।”

CAIT ने बताया कि वर्तमान में 60% से अधिक व्यापारी किसी न किसी व्यापारिक तनाव में जीवन यापन कर रहे हैं। कस्टमर फ्रॉड, कंपनी फ्रॉड, चेक बाउंस, उधारी वसूली एवं विभागीय दबाव जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। CAIT के कार्यकारी अध्यक्ष वनीत सिंह सलूजा ने कहा कि “व्यापारी कई मोर्चों पर एक साथ संघर्ष कर रहा है, लेकिन उसकी समस्याएं अक्सर सामने नहीं आ पातीं और वह अंदर ही अंदर तनाव झेलता रहता है।”

बैठक में यह भी कहा गया कि व्यापार की स्थिति चाहे जैसी भी हो, लेकिन बैंक का कर्ज, ब्याज, बच्चों की स्कूल फीस, दुकान का किराया एवं कर्मचारियों का वेतन लगातार चलते रहते हैं। वहीं, शहर बंद एवं चक्का जाम का सबसे अधिक प्रभाव छोटे व्यापारियों पर पड़ता है। इस पर होटल रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष राजा पात्रो ने कहा कि “व्यापार रुकते ही आमदनी बंद हो जाती है, लेकिन खर्च नहीं रुकते, यही सबसे बड़ी परेशानी है।”

CAIT ने शासन-प्रशासन से मांग की कि व्यापारियों की शिकायतों पर पुलिस एवं प्रशाशन द्वारा त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, साथ ही मानसिक तनाव से जूझ रहे व्यापारियों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था एवं नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। इस पर वरिष्ठ व्यापारी निर्मल माहेश्वरी ने कहा कि “छोटे व्यापारियों को समय पर मार्गदर्शन और सहयोग मिलना बेहद जरूरी है।”

संगठन ने कहा कि तनावमुक्त व्यापारी ही शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकता है।

अंत में सभी व्यापारियों ने पीड़ित परिवार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा अस्पताल जाकर पीड़ित के परिवारों और रिस्तेदारों से मुलाकात कर कहा कि वे अकेले नहीं है पूरा व्यापारी समाज उनके साथ है

बैठक में चेम्बर एवं कैट के प्रमुख आकाश आहूजा, कैट जिलाध्यक्ष दीप शर्मा, कैट कार्यकारी अध्यक्ष वनीत सिंह सलूजा,होटल रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष राजा पात्रो, कैट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश तिवारी, बर्तन ट्रेड से वरिष्ठ निर्मल माहेश्वरी, शेख अकरम, कपड़ा ट्रेड से सोनू चावला, गोल्डी बग्गा, बिल्डिंग मटेरियल ट्रेड से विकास सेठिया, रोनित अरोरा, रिक्की खुराना, अफरोज खान हार्डवेयर ट्रेड से रिंकल सलूजा, उद्योग ट्रेड से संजय गुप्ता, होटल ट्रेड से प्रभु राजपुरोहित, एजेंसी ट्रेड से नवीन जैन, आरा मील ट्रेड से नवीन पटेल,किराना ट्रेड से बल्लू सिन्हा, जनरल ट्रेड से साहिल पाली, बैटरी ट्रेड से अमित शर्मा, अनाज ट्रेड से अर्पित जैन, प्रिंटिंग ट्रेड से मुकुल दोखा, सहित सभी ट्रेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

— कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)
कवर्धा इकाई

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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