कबीरधाम जिले की 71 ग्राम पंचायतों को अक्टूबर 2026 तक बनाया जाएगा शत प्रतिशत कचरा मुक्तकवर्धा

कबीरधाम जिले की 71 ग्राम पंचायतों को अक्टूबर 2026 तक बनाया जाएगा शत प्रतिशत कचरा मुक्तकवर्धा, 08 जून 2026। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले के कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला एवं लोहारा विकासखंड की चयनित 71 ग्राम पंचायतों को अक्टूबर 2026 तक 100 प्रतिशत कचरा मुक्त एवं स्वच्छ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने संबंधित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चयनित ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं तथा इन्हें मॉडल स्वच्छता ग्राम के रूप में विकसित किया जाए। अभियान के तहत घर-घर से गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष श्रेणी के कचरे का पृथक-पृथक संग्रहण, सुरक्षित परिवहन एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही ग्रामों में निर्मित कचरा प्रसंस्करण केंद्रों का नियमित संचालन एवं रखरखाव किया जाएगा। ग्रामीणों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। अब प्रत्येक परिवार को अपना कचरा चार अलग-अलग श्रेणियों-गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट एवं स्पेशल केयर वेस्ट में पृथक कर स्वच्छता दीदियों को सौंपना होगा। इसके अतिरिक्त होटल, मैरिज पैलेस एवं अन्य बड़े कचरा उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) के लिए ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य किया गया है तथा उन्हें अपने स्तर पर कम्पोस्टिंग एवं कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी। खुले में अथवा सार्वजनिक स्थलों, तालाबों, नालियों, नदियों एवं खाली भूखंडों पर कचरा फेंकने या जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत बिरकोना एवं धरमपुरा में सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रही, एनआरएलएम की पीआरपी दीदियों, जिला एवं विकासखंड समन्वयकों तथा नोडल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समन्वयक श्री संजय सोनी ने अक्टूबर 2026 तक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ग्राम स्तर पर टीमों का गठन कर वार्डवार जिम्मेदारियां निर्धारित कीं। इस कार्य में वार्ड पंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत पांच प्रमुख प्रावधान लागू किए जाएंगे-
- घर स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का अनिवार्य पृथक्करण।
- प्रत्येक घर, मजरा-टोला एवं ग्रामीण क्षेत्र में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण।
- कचरे के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान की व्यवस्था।
- पुराने डंपिंग स्थलों (लिगेसी वेस्ट) का वैज्ञानिक उपचार एवं पुनर्विकास।
- जनभागीदारी बढ़ाने हेतु घर-घर संपर्क, चैपाल, रैली, नारा लेखन एवं वार्ड स्तरीय बैठकों के माध्यम से जागरूकता अभियान।



