छत्तीसगढ़

जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग को वृहद करते हुए शिक्षकों की सेवाएं आरम्भ कर डयूटी लगाई गई

Umesh Sharma
*शुक्रिया! आपने हमें सम्बल देकर फोबिया से बचाया*

*कोविड कंट्रोल रूम की काउंसलिग, मरीजों को अ रही रास। स्वास्थ्य दल के साथ जिला प्रशासन ने शिक्षकों की लगाई है ड्यूटी, सुबह-शाम होम आइसोलेट कोविड पेशेंट्स की करते हैं काउंसलिंग।

कवर्धा,,,कोविड के दौर ने लाख बुरे अनुभव दिए हों, लेकिन कुछ अच्छी बातें भी यह दौर सीखा गया। इन्हीं में से एक बात है लोगों को सम्बल देने का प्रयास। दरअसल कोविड की चपेट में आने वाले अस्सी फीसदी लोग होम आइसोलेशन पर रहकर उपचार लेकर स्वस्थ हो रहे हैं, 17 दिनों तक अलग-थलग रहना और कोविड का भय लोगों को आंतकित न करे इस उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है।
जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम को वृहद करते हुए शिक्षकों की सेवाएं आरम्भ कर 50 सुबह और 50 शिक्षकों की शाम की डयूटी लगाई गई। दोनो शिफ्ट में मरीजों की तबियत का जायजा टीम द्वारा लिया जा रहा है।
होम आइसोलेशन के जिला नोडल डिप्टी कलेक्टर विनय कश्यप बताते हैं कि जिले में अब तक 17890 लोग होम आइसोलेशन में रहकर स्वस्थ्य हो चुके हैं और 1650 लोगों की काउंसलिंग जारी है। उन्होंने बताया कि इसमें से 10 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।

*शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर दी जा रही है परामर्श*

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शैलेन्द्र कुमार मण्डल बताते हैं कि होम आईशोलेट मरीजों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं पर चर्चा करके उन्हें उचित सलाह दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम शुरू से यह सेवाएं दे रही है अब इस कार्य में शिक्षकों की सेवाएं जोड़ने से काम में तेजी आई है और कोविड मरीजों को इसका अधिक लाभ मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा मरीजों की सेहत की जानकारी लेकर वर्गीकृत किया जाता है और आवश्यकतानुसार चिकित्सकों व विशेषज्ञ चिकित्सकों से कॉल कराकर चिन्हांकित जरूरतमन्द मरीजों की समस्या का हल भी सामान्य काउंसलिंग के साथ- साथ किया जा रहा है।

*काउंसलिंग के कारण डर को हराया*

कवर्धा के आनन्द विहार कॉलोनी के रहने वाले राजेश तिवारी, बिना देवी, महामाया वार्ड निवासी शिवकुमार साहू, रामनगर निवासी उदय बन्ध, ठाकुर पारा कवर्धा निवासी पवन सिंह ठाकुर, पैठु पारा निवासी हेमलता राजपूत, घोठिया रोड कवर्धा निवासी हर्ष ठाकुर, सतबहनिया वार्ड निवासी दुर्गेश यादव, ठाकुर पारा की पूर्णिमा ठाकुर आदि अनेक लोगों से कॉल करके उनके अनुभवों के बारे में बातचीत की गई। सबने कंट्रोल रूम के कॉल को उपयोगी और लाभकारी बताया। अधिकांश का कहना है कि जब उन्हें यह मालूम हुआ कि उनको कोविड का संक्रमण हुआ है तब वे डर गए और समझ नही पाए कि क्या करें, कोविड कंट्रोल रूम से उनके पास कॉल आया और उन्हें दवाओं से लेकर क्या करना चाहिए क्या नही इस सम्बंध में विस्तार से बताया गया। इसके बाद जब भी कोई समस्या हुई कंट्रोल रूम नम्बर पर कॉल करके या जब वहां से कॉल आया ,अपनी समस्याओं का हल कर लिए। सबने कंट्रोल रूम स्टाफ, शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमें सम्बल देकर कोविड से उबारने के लिए शुक्रिया।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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