राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

एग्रीस्टेक पोर्टल में शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करें-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति
राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कवर्धा, 12 सितंबर 2026। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित समयावधि में एग्रीस्टेक पोर्टल पर जिले के शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले का कोई भी कृषक एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सहित शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंजीयन नहीं होने की स्थिति में कृषक शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को ग्राम स्तर पर पंजीयन की स्थिति की नियमित समीक्षा करने तथा शेष किसानों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री नरेन्द्र पैकरा, श्री रामप्रसाद आचला सहित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बैठक में नामांतरण, बंटवारा, फौती, सीमांकन सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों का नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए अधिकारी प्रकरणों का गंभीरता से निराकरण करें। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आम नागरिकों से जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए नागरिकों को त्वरित एवं संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
एसडीएम अपने-अपने अनुभाग में साप्ताहिक बैठक लेकर करें समीक्षा
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को अपने-अपने अनुभाग में प्रत्येक सप्ताह बैठक आयोजित कर राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों, नामांतरण, बंटवारा, फौती, सीमांकन सहित अन्य प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एसडीएम को अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मैदानी स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
जर्जर भवनों में संचालित कोचिंग सेंटरों की करें जांच
कलेक्टर ने जिले में जर्जर एवं पुराने भवनों में संचालित कोचिंग सेंटरों तथा अन्य संस्थानों के संबंध में भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों का निरीक्षण कर उनकी स्थिति का परीक्षण किया जाए और जर्जर भवनों में किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित होने से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जर्जर एवं असुरक्षित भवनों में संचालित संस्थानों की जानकारी लेकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
कार्यालयों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने राजस्व कार्यालयों की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय कार्यालय स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित होने चाहिए। कार्यालय में आने वाले नागरिकों को बेहतर वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध हों, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कार्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने तथा अभिलेखों एवं दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ निर्वहन करें तथा शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।



