छत्तीसगढ़

लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश

लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश

कवर्धा 6 मार्च 2026 । जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे ने जिलेवासियों से भीषण गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में तापमान बढ़ने के साथ ही लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम में बदलाव के बाद अब तेज धूप और गर्मी का प्रभाव बढ़ने लगा है, जिससे नागरिकों को लू लगने की आशंका रहती है।
डॉ. तुर्रे ने बताया कि सूर्य की तेज गर्मी का शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और शरीर में पानी तथा खनिज लवण (नमक) की कमी हो जाती है। इस स्थिति को लू लगना या हीट-स्ट्रोक कहा जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग खेती, मजदूरी, बाजार या अन्य कार्यों के लिए घर से बाहर निकलते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी या पेय पदार्थ साथ में नहीं रखते। इसके कारण लोग निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के शिकार हो जाते हैं। समय पर उपचार न मिलने की स्थिति में मरीज की हालत गंभीर हो सकती है।

डॉ. तुर्रे ने लू से बचाव के लिए नागरिकों को सावधानियां बरतने की दी सलाह

धूप से बचें: बहुत जरूरी न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें।
सिर ढंककर रखें: बाहर जाते समय सिर और कानों को कपड़े, टोपी या गमछे से अच्छी तरह ढंकें।
सही पहनावा अपनाएं: हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें।
पर्याप्त पानी पिएं: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
निःशुल्क सलाह लें: किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर टोल-फ्री नंबर 104 आरोग्य सेवा केंद्र से निःशुल्क सलाह ली जा सकती है।

लू लगने पर करें यह प्राथमिक उपचार

यदि किसी व्यक्ति को लू लग जाए, तो अस्पताल ले जाने से पहले प्राथमिक उपचार के रूप में मरीज के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें। पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ जैसे कच्चे आम का पना, जलजीरा या ओआरएस घोल दें। मरीज को छायादार और हवादार स्थान पर लिटाएं। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी का छिड़काव करें।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

लू लगने पर शरीर कई प्रकार के संकेत देता है, जिन्हें पहचानना जरूरी है। सिर में भारीपन और तेज दर्द होना
तेज बुखार के साथ मुंह का बार-बार सूखना, चक्कर आना या उल्टी जैसा महसूस होना, भूख कम लगना, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुर्रे ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में अपनी जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करें। यदि पेशाब और पसीना कम आए या बुखार बना रहे, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय सलाह लें।

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