छत्तीसगढ़

मैथिलीशरण गुप्त जयंती पर धाकड़पारा स्कुल में बाल काव्य पाठ का आयोजन


कोंडागांव। जिला अंतर्गत संचालित प्राथमिक शाला धाकड़ पारा में शनिवार दिवस कुछ विशेष होता है। जहां लीक से हटकर बच्चों के सर्वांगीण विकास देशप्रेम, राष्ट्रीयता, सद्भावना के भाव जगाने के उद्देश्य से विशेष आयोजन किया जाता है। 3 अगस्त को हिंदी साहित्य में खड़ी बोली की शुरुआत करने वाले राष्ट्रकवि पद्म भूषण से सम्मानित मैथिलीशरण गुप्त की जयंती मनाई गई ।

कार्यक्रम की शुरुआत मातृभूमि की वंदना हे मातृभूमि तेरी जय हो सदा विजय हो से हूई। संस्था की शिक्षिका मधु तिवारी ने बच्चों को राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जीवनी व उनकी कालजई रचनाओं महाकाव्य साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध, भारत भारती, आदि से परिचित करवाया साथ ही उनकी प्रसिद्ध राष्ट्रीयता से ओतप्रोत कविता “पुष्प की अभिलाषा” से लिया गया। चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं व नर हो न निराश करो मन को जैसी कालजई रचनाओं का पाठ किया जिसका बच्चों द्वारा अनुकरण वाचन किया गया। साथ ही बच्चों को जानकारी देते हुए बताया कि मैथिलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि की उपमा महात्मा गांधी द्वारा की गई थी। आज का दिन कवि दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। कार्यक्रम में संस्था की शिक्षिका तारा वासनिकर सहित स्कूली बच्चे मौजूद रहे ।

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