अटल जी के दूरदर्शी निर्णय से बना छत्तीसगढ़, आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा– सांसद श्री संतोष पाण्डेय

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के रंगों से सजा कवर्धा का राज्योत्सव
अटल जी के दूरदर्शी निर्णय से बना छत्तीसगढ़, आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा– सांसद श्री संतोष पाण्डेय
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का किया विधिवत शुभारंभ
राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कवर्धा में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया राज्योत्सव
लोकगीत, लोकनृत्य और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विकास प्रदर्शनी में दिखी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की झलक
कवर्धा, 02 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ की माटी की महक, लोकसंस्कृति की मिठास और गौरवशाली परंपराओं का अनूठा संगम सोमवार को कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में देखने को मिला। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में शाम से उत्सव और उल्लास का माहौल छाया रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में राज्योत्सव का आगाज हुआ। कलाकारों ने लोकधुनों, पारंपरिक नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत की मनमोहक झलक प्रस्तुत की।
समारोह के शुभारंभ से पहले मुख्य अतिथि सांसद श्री संतोष पाण्डेय सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य अतिथियों ने राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित विकास सह-प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर मंच पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, छत्तीसगढ़ राज्य शाकंभरी बोर्ड के सदस्य श्री संतोष पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, जनपद पंचायत कवर्धा की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, श्री नितेश अग्रवाल, श्री पवन जायसवाल, श्री जयराम साहू, डॉ आनंद मिश्रा, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल उपस्थित रहें।
मुख्य अतिथि सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने राज्योत्सव की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदर्शी सोच और संवेदनशील निर्णय का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अटल जी ने जनभावनाओं को समझते हुए राज्य निर्माण का ऐतिहासिक निर्णय लिया। आज 26 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास और समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ को अपनी पहचान और विकास को नई दिशा मिली है तथा कवर्धा जिला भी विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि कवर्धा में रेल सुविधा की लंबे समय से मांग की जा रही थी। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप कटघोरा से डोंगरगढ़ तक रेल परियोजना को गति मिली है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क निर्माण, मेडिकल कॉलेज और फिशरीज कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां जिले के विकास को नई दिशा दे रही हैं। मंडला से आगे सड़क को सिक्सलेन बनाने सहित अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा और कृषि संपन्नता से समृद्ध प्रदेश है। आज ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और अर्थव्यवस्था में बदलाव दिखाई दे रहा है तथा लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है।
सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई से प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव अपनी माटी, संस्कृति, परंपरा और प्रदेश के गौरव को अभिव्यक्त करने का अवसर है। छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रदेश की समृद्ध विरासत पर गर्व करने और विकास में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जा सकता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोहा
राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोककला और परंपराओं पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। छत्तीसगढ़ी लोककला मंच, सिंगार, गजल, क्लासिकल म्यूजिकल, आर्केस्ट्रा एवं जन जागराता, भक्ति संगीत, नृत्य अभिनय, सैनिक शो तथा छत्तीसगढ़ी करमा एवं ददरिया लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।
छत्तीसगढ़ की कला और परंपरा का दिखा संगम
राज्योत्सव के आयोजन में जिले की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं, लोकनृत्यों, संगीत और कला को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया गया। पूरे आयोजन में उत्सव का माहौल रहा और उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

