नारायणपुर जिले के 10,740 किसानों के खातों में 2 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि अंतरित*

पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का सजीव प्रसारण एवं पीएम-किसान दिवस का आयोजन*
*नारायणपुर जिले के 10,740 किसानों के खातों में 2 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि अंतरित*
*कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को दी गई कृषि योजनाओं एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी*
* अक्टूबर 2026//* किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि कार्यों में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 24वीं किस्त की राशि का हस्तांतरण किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के बनासकांठा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि की राशि अंतरित की गई। इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग नारायणपुर के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र नारायणपुर में किया गया। इस अवसर पर पीएम-किसान दिवस भी उत्साहपूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामों से पहुंचे किसानों ने प्रधानमंत्री द्वारा 24वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। इस योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के कुल 10,740 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। यह आर्थिक सहायता किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति करने, कृषि निवेश करने तथा कृषि कार्यों में होने वाले खर्चों को पूरा करने में सहयोग प्रदान करेगी। योजना से लाभान्वित किसानों में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, जिला पंचायत सदस्य श्री संतनाथ उसेंडी, श्रीमती हीना नाग, श्रीमती शांति नेताम, श्रीमती कमलेश्वरी बिसेन नाग, जनपद पंचायत सदस्य श्री राकेश कावड़े एवं श्रीमती देवी कुमेटी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्रीमती मोनिका ठाकुर, सहायक संचालक कृषि श्री शरद कुमार मारकोले, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. हरेन्द्र टोंडे, डॉ. ललित कुमार वर्मा एवं डॉ. आलिया अफरोज तथा कार्यक्रम सहायक श्री इंद्र कुमार सहित कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप संचालक कृषि श्रीमती मोनिका ठाकुर ने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक पंजीयन प्रक्रिया एवं अन्य महत्वपूर्ण औपचारिकताओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र किसानों को योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे, इसके लिए आवश्यक दस्तावेज, बैंक खाते एवं ई-केवाईसी संबंधी प्रक्रियाओं को समय पर पूर्ण करना जरूरी है। उन्होंने किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन खाद खरीदी व्यवस्था एवं उर्वरक बिक्री की निर्धारित प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी, ताकि किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान के बदले अन्य फसल लेने पर 15 हजार रुपये तथा धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता से संबंधित जानकारी भी साझा की। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पारंपरिक धान की खेती के साथ अन्य लाभकारी फसलों को अपनाने से कृषि आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ती हैं। इससे किसानों को खेती के नए विकल्प मिलेंगे और कृषि क्षेत्र में आर्थिक मजबूती आएगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कृषि वैज्ञानिकों ने खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का लगातार असंतुलित उपयोग मिट्टी की उर्वरता, भूमि की गुणवत्ता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए किसानों को प्राकृतिक खेती की पद्धतियां अपनाने के लिए आगे आना चाहिए।
कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा जैविक कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना टिकाऊ कृषि व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्राकृतिक एवं संतुलित कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती की लागत कम करने के साथ भूमि की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन और शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों से कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विशेषज्ञों से नियमित मार्गदर्शन लेने तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाने और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में कृषि विज्ञान केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. हरेन्द्र टोंडे ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कृषकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने किसानों से शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कृषि विज्ञान केंद्र की तकनीकी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया। किसानों को आर्थिक सहायता, कृषि योजनाओं और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ


