छत्तीसगढ़

पूर्व सुरक्षा शिविर परिसर में 110 बच्चे ले रहे शिक्षा और आवास की सुविधा, क्डथ् से खेल मैदान, ।प् लैब एवं पुस्तकालय निर्माण का प्रस्ताव’

सेवा की कहानी’

’सेवा संकल्प अभियानरू सुरक्षा शिविर से शिक्षा के केंद्र तक’

’सुरक्षा से विकास की ओर शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की एक पहल’

’पूर्व सुरक्षा शिविर परिसर में 110 बच्चे ले रहे शिक्षा और आवास की सुविधा, क्डथ् से खेल मैदान, ।प् लैब एवं पुस्तकालय निर्माण का प्रस्ताव’

अक्टूबर 2026//’ सेवा संकल्प अभियान के तहत  छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के साथ विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। विकासखंड ओरछा के कुरुषनार में कभी सुरक्षा बलों का शिविर स्थापित था, जिसका उपयोग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए किया जाता था। समय के साथ क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता कम होने और परिस्थितियों में सुधार आने के बाद सुरक्षा बलों ने इस शिविर को खाली कर अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की ओर प्रस्थान किया। इसके बाद इस परिसर का उपयोग बच्चों की शिक्षा और आवासीय सुविधाओं के लिए किया जाने लगा। आज यही परिसर बच्चों के भविष्य को संवारने और उनके सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रहा है।

’110 बच्चों के लिए शिक्षा और आवास की सुविधा’

कुरुषनार स्थित पूर्व सुरक्षा शिविर परिसर में वर्तमान में आश्रम के 110 बच्चे निवास करते हुए शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस परिसर का शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपयोग दूरस्थ क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे परिसर को बच्चों के अध्ययन, आवास और व्यक्तित्व विकास से जोड़ने का अवसर मिला है।

दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को सुरक्षित आवासीय वातावरण, अध्ययन के अनुकूल सुविधाएं और सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। कुरुषनार में पूर्व सुरक्षा शिविर का शैक्षणिक परिसर के रूप में उपयोग इसी दिशा में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

’क्डथ् से आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव’

बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला खनिज न्यास (क्डथ्) के माध्यम से परिसर में विभिन्न सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव किया गया है। इसके अंतर्गत खेल मैदान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (।प्) लैब और पुस्तकालय के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। इन सुविधाओं का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ खेलकूद, आधुनिक तकनीक और ज्ञानवर्धक अध्ययन सामग्री से जोड़ना है।

प्रस्तावित खेल मैदान से बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। खेलकूद बच्चों के शारीरिक विकास, अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खेल के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध होने से बच्चे अपनी रुचि और प्रतिभा को विकसित कर सकेंगे।

इसी प्रकार, प्रस्तावित ।प् लैब बच्चों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा से परिचित कराने में सहायक हो सकती है। वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इन तकनीकों से परिचित कराने की पहल उन्हें भविष्य की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संभावनाओं के लिए तैयार करने में उपयोगी होगी। इससे बच्चों में तकनीक के प्रति रुचि विकसित करने और नए विषयों को समझने के अवसर बढ़ेंगे।

पुस्तकालय से विकसित होगी पढ़ने और सीखने की आदत

परिसर में पुस्तकालय निर्माण का प्रस्ताव भी बच्चों के शैक्षणिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पुस्तकालय विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त सामान्य ज्ञान, साहित्य, विज्ञान और अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकों के अध्ययन का अवसर प्रदान करेगा। नियमित पठन-पाठन से बच्चों की भाषा, विचार क्षमता, कल्पनाशीलता और ज्ञान के दायरे का विस्तार हो सकता है।

पुस्तकालय बच्चों में स्वाध्याय की आदत विकसित करने के साथ उन्हें अपनी जिज्ञासाओं के समाधान के लिए स्वयं जानकारी जुटाने के लिए प्रेरित करेगा। इससे विद्यालयीन शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने और बच्चों में सीखने की निरंतर प्रवृत्ति विकसित करने में मदद मिलेगी।

’सुरक्षा से विकास की ओर बढ़ता कुरुषनार’

कुरुषनार में पूर्व सुरक्षा शिविर परिसर का उपयोग अब शिक्षा एवं आवासीय सुविधाओं के लिए किया जाना क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों का सकारात्मक उदाहरण है। यह बदलाव दर्शाता है कि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ उपलब्ध आधारभूत परिसरों का उपयोग जनकल्याण और विकास से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

विशेष रूप से अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र में शिक्षा के अवसरों का विस्तार बच्चों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक तकनीक से परिचय, खेलकूद की सुविधाएं और पुस्तकालय जैसी व्यवस्थाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में योगदान दे सकती हैं।

’कुरुषनार की यह पहल सुरक्षा से विकास और विकास से’

 उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है। पूर्व में सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपयोग किए जाने वाले परिसर में आज 110 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, खेल मैदान, ।प् लैब और पुस्तकालय के निर्माण के प्रस्ताव से इस शैक्षणिक परिसर को और बेहतर बनाने की संभावनाएं हैं। इन सुविधाओं के विकसित होने से बच्चों को सीखने, अपनी प्रतिभा निखारने और भविष्य के नए अवसरों के लिए तैयार होने का बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इस प्रकार कुरुषनार में शिक्षा को केंद्र में रखकर विकास की नई राह तैयार करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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