छत्तीसगढ़

कठिन रास्तों, नदी-नालों और पहाड़ों को पार कर हिकोनार के ग्रामीणों तक पहुँच रही स्वास्थ्य सेवाएँ’

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’

’सेवा संकल्प अभियान

 दुर्गम वनांचल में स्वास्थ्य सेवाओं की मिसाल बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर करमरी’

’कठिन रास्तों, नदी-नालों और पहाड़ों को पार कर हिकोनार के ग्रामीणों तक पहुँच रही स्वास्थ्य सेवाएँ’

’मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और रोगों की जाँच पर विशेष जोर’

’अक्टूबर 2026//’ सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले के विकासखंड नारायणपुर के उपस्वास्थ्य केंद्र करमरी के आश्रित ग्राम हिकोनार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों, ऊँचे पहाड़ों, नदी-नालों और कठिन रास्तों के बावजूद आयुष्मान आरोग्य मंदिर करमरी के स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीणों तक पहुँचकर जाँच, परामर्श एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। यह पहल समर्पण, संघर्ष और मानव सेवा की ऐसी मिसाल है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।

कठिन परिस्थितियों में भी घर-घर तक पहुँच रही स्वास्थ्य सेवाएँ

हिकोनार जैसे दूरस्थ आदिवासी ग्रामों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना स्वास्थ्य कर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। कई बार स्वास्थ्य टीम को घंटों पैदल चलकर, नदी-नालों को पार कर और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई चढ़कर गाँव तक पहुँचना पड़ता है। बारिश हो या तेज धूप, स्वास्थ्य कर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जाँच एवं परामर्श उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत ग्राम हिकोनार में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जाँच कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया गया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं उचित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रसवोत्तर माताओं की भी स्वास्थ्य जाँच की गई, ताकि प्रसव के बाद माँ के स्वास्थ्य की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

बच्चों को जीवनरक्षक टीकों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण की स्थिति का आकलन किया गया। जिन बच्चों का टीकाकरण शेष है, उन्हें चिह्नित कर टीकाकरण सेवाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर ध्यान दिया गया। अभियान का प्रमुख उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना, बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण कराना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को मजबूत करना है।

विभिन्न बीमारियों की जाँच और समय पर पहचान पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्राम में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के अंतर्गत मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की जाँच की गई। इसके साथ ही टीबी, कुष्ठ रोग और एनीमिया की जाँच कर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया गया। अभियान के माध्यम से बीमारियों की समय पर पहचान, आवश्यक परामर्श तथा जरूरत के अनुसार आगे की जाँच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सिकल सेल रोग की जाँच, परिवार नियोजन, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। ग्रामीणों को स्वच्छता, संतुलित पोषण, परिवार नियोजन और संक्रामक रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से भी प्रयास किए जा रहे हैं।

हिकोनार में 11 परिवारों का सर्वेक्षण, 54 लोगों की हुई विभिन्न जाँच

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत ग्राम हिकोनार में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों के आधार पर सर्वेक्षण एवं जाँच कार्य किया गया। इसके तहत कुल 11 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया, जिनकी कुल जनसंख्या 60 है। ग्राम में एक गर्भवती महिला की एएनसी जाँच की गई तथा एक हाई रिस्क गर्भवती महिला की पहचान दर्ज की गई। दो प्रसवोत्तर माताओं की जाँच की गई।

टीकाकरण की स्थिति के आकलन में एक बच्चा टीकाकरण से छूटा हुआ पाया गया, जिसे टीकाकरण सेवाओं से जोड़ने की आवश्यकता है। गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के अंतर्गत 32 व्यक्तियों की जाँच की गई। मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप के लिए 22-22 व्यक्तियों की जाँच की गई। वहीं, टीबी, कुष्ठ रोग और एनीमिया की जाँच प्रत्येक श्रेणी में 54 व्यक्तियों की की गई। इसके अलावा नौ हितग्राहियों को परिवार नियोजन संबंधी परामर्श तथा तीन हितग्राहियों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया। अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 54 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार पूर्ण टीकाकरण प्राप्त बच्चों की संख्या शून्य, सिकल सेल की जाँच की संख्या शून्य तथा आयुष्मान कार्ड बनाए गए हितग्राहियों की संख्या शून्य दर्ज की गई है। इन बिंदुओं पर आगे आवश्यक कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना महत्वपूर्ण है।

जागरूकता और विश्वास के साथ आगे बढ़ता अभियान

दूरस्थ ग्रामों में स्वास्थ्य कर्मियों की पहुँच केवल जाँच और उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। पोषण, स्वच्छता, परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम के संबंध में दी जा रही जानकारी से ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच स्वास्थ्य टीम की निरंतर उपस्थिति ग्रामीणों में विश्वास पैदा करती है। यह प्रयास दर्शाता है कि मजबूत संकल्प, समर्पण और सामूहिक प्रयासों से दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा सकती है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर करमरी की यह पहल मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। अभियान का मुख्य लक्ष्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल, सुरक्षित मातृत्व, संपूर्ण टीकाकरण, बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार तथा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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