क्या टॉयलेट सीट हो गई है पीली? चुटकियों में ऐसे चमकाएं

टॉयलेट की सफाई करते समय अक्सर सीट पर पड़ी पीली लाइन सबसे ज्यादा परेशान करती है. रोजाना साफ करने के बावजूद कुछ समय बाद टॉयलेट सीट पर पीले या हल्के भूरे रंग के निशान दिखाई देने लगते हैं. खासकर हार्ड वाटर वाले इलाकों में यह समस्या और ज्यादा देखने को मिलती है. कई बार पेशाब के छींटे, पानी में मौजूद मिनरल्स और लगातार नमी के कारण भी सीट का रंग फीका पड़ने लगता है.टॉयलेट की सफाई करते समय अक्सर सीट पर पड़ी पीली लाइन सबसे ज्यादा परेशान करती है. रोजाना साफ करने के बावजूद कुछ समय बाद टॉयलेट सीट पर पीले या हल्के भूरे रंग के निशान दिखाई देने लगते हैं. खासकर हार्ड वाटर वाले इलाकों में यह समस्या और ज्यादा देखने को मिलती है. कई बार पेशाब के छींटे, पानी में मौजूद मिनरल्स और लगातार नमी के कारण भी सीट का रंग फीका पड़ने लगता है.टॉयलेट सीट की सफाई के लिए संतरे के छिलकों का इस्तेमाल एक आसान घरेलू तरीका हो सकता है. संतरे के छिलकों में साइट्रिक एसिड पाया जाता है, जो कई तरह के दाग और जमा हुई गंदगी को ढीला करने में मदद करता है. साथ ही इससे सफाई के बाद ताजगी वाली खुशबू भी आती है. इसके लिए सबसे पहले संतरे के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इन्हें थोड़े पानी के साथ मिक्सर में डालकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें. अब इस मिश्रण को छान लें ताकि इसमें छिलकों के बड़े टुकड़े न रहें.
इसमें करीब एक चम्मच नमक और थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाया जा सकता है. इसके बाद कुछ बूंदें लिक्विड डिश सोप की डालें और अच्छी तरह मिलाएं. तैयार मिश्रण को पीली लाइन वाली जगह पर लगाएं और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद सॉफ्ट स्क्रब पैड या ब्रश से धीरे-धीरे रगड़ें और साफ पानी से धो लें. अगर दाग बहुत पुराना है तो पहली बार में पूरी तरह साफ न हो तो इसी प्रक्रिया को दोबारा दोहराया जा सकता है.
बेकिंग सोडा और सिरका भी आएगा काम
पीले दागों पर बेकिंग सोडा और सिरके का इस्तेमाल भी किया जाता है. पहले टॉयलेट सीट की सतह पर थोड़ा बेकिंग सोडा फैलाएं. इसके बाद उस जगह पर सफेद सिरका डालें. दोनों के संपर्क में आने पर झाग बनने लगेगा. इसे करीब 10 मिनट तक लगा रहने दें. फिर सॉफ्ट ब्रश या स्पंज से दाग वाली जगह को साफ करें और पानी से अच्छी तरह धो लें. हालांकि, इस तरीके का इस्तेमाल करते समय टॉयलेट सीट की सामग्री का ध्यान रखना जरूरी है. बहुत ज्यादा रगड़ने या तेज एसिडिक पदार्थों का बार-बार इस्तेमाल करने से कुछ प्लास्टिक सतहों की फिनिश प्रभावित हो सकती है.
हाइड्रोजन पेरोक्साइड से साफ करें जिद्दी निशान
अगर सीट पर दाग काफी पुराने हैं तो हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल भी किया जाता है. इसे पानी के साथ मिलाकर दाग वाली जगह पर लगाया जा सकता है. मिक्स को करीब 15 मिनट तक छोड़ने के बाद सॉफ्ट ब्रश से हल्के हाथों से रगड़ें और फिर अच्छी तरह पानी से साफ कर लें. हाइड्रोजन पेरोक्साइड दाग हटाने के साथ सतह को साफ करने में भी मदद कर सकता है. इसे इस्तेमाल करते समय दस्ताने पहनना बेहतर है और किसी दूसरे क्लीनिंग केमिकल के साथ इसे मिलाने से बचें.
नींबू और नमक की ट्रिक
नींबू की प्राकृतिक एसिडिक प्रकृति के कारण इसका इस्तेमाल कई घरेलू सफाई के कामों में किया जाता है. टॉयलेट सीट पर मौजूद हल्के पीले निशानों के लिए भी यह तरीका आजमाया जा सकता है. एक नींबू को आधा काटें और उसके कटे हुए हिस्से पर थोड़ा नमक लगाएं. अब इसे पीली लाइन वाली जगह पर हल्के हाथ से रगड़ें. करीब 10 मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर स्पंज से साफ करके पानी से धो लें. यह तरीका खासतौर पर हल्के दागों पर उपयोगी हो सकता है और नींबू की वजह से सफाई के बाद अच्छी खुशबू भी आती है.
तेज केमिकल इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
अगर घरेलू तरीकों से दाग साफ नहीं हो रहे हैं तो बाजार में मिलने वाले टॉयलेट क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अलग-अलग क्लीनिंग केमिकल्स को आपस में मिलाना खतरनाक हो सकता है. खास तौर पर ब्लीच को सिरका, अमोनिया या दूसरे क्लीनिंग प्रोडक्ट्स के साथ कभी न मिलाएं. इससे खतरनाक गैस बन सकती है. किसी भी मजबूत क्लीनर का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देश जरूर पढ़ें और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें.
टॉयलेट सीट पर दोबारा पीली लाइन न पड़े, इसके लिए क्या करें?
सिर्फ दाग हटाना ही काफी नहीं है. अगर आप चाहते हैं कि टॉयलेट सीट लंबे समय तक साफ और सफेद दिखे तो इसे नियमित रूप से साफ करते रहें. पानी के छींटे या गंदगी दिखाई देने पर उन्हें तुरंत पोंछ दें और सीट को लंबे समय तक गीला न रहने दें. अगर आपके इलाके में हार्ड वाटर की समस्या है तो पानी के निशान जमा होने से रोकने के लिए नियमित सफाई और सीट को सूखा रखना खास तौर पर जरूरी है.


