भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संपन्न, 2% महंगाई राहत देने का मुद्दा गरमाया, सत्रह विषयों पर प्रस्ताव पारित l

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संपन्न, 2% महंगाई राहत देने का मुद्दा गरमाया, सत्रह विषयों पर प्रस्ताव पारित l
भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट l पेंशनर एवं परिवार पेंशनरों के हितों के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत राष्ट्रीय संगठन भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश की कार्यसमिति की बैठक 06 सितंबर रविवार को जल संसाधन विभाग बिलासपुर के प्रार्थना भवन में संपन्न हुआ।बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवम वरिष्ठ साहित्यकार डॉ विनय कुमार पाठक की गरिमामय उपस्थिति रही।बैठक की अध्यक्षता भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवम छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने किया।विशिष्ठ अतिथि के रूप में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमति द्रौपदी यादव,राष्ट्रीय मंत्री अनिल गोल्हानी,राम नारायण टाटी,बी के वर्मा ,राष्ट्रीय संगठन मंत्री टी पी सिंह,कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जे पी मिश्रा ,राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परमेश्वर स्वर्णकार की उपस्थिति रही।
बैठक का शुभारंभ भारत माता की पूजा अर्चना करके किया गया,तत्पश्चात राष्ट्रीय संगठन मंत्री टी पी सिंह ने जोशीले अंदाज में संगठन गीत प्रस्तुत किया।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि पेंशनर कभी रिटायर नहीं होते अपितु समाज में अगले दायित्व के लिए रिचार्ज होते हैं।सेवानिवृत्ति के पश्चात पुनर्प्रवित्ति की ओर पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हैं।उन्होंने आगे कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष की क्षमता केवल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ में है।यह देशभर के पेंशनरों के भरोसे का एक मात्र संगठन है।
कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवम छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि इस संगठन का उद्देश्य केवल पेंशनरों के हितों के लिए लड़ना ही नहीं है।हमारा प्रथम उद्देश्य राष्ट्रहित और समाज हित में कार्य करना है।पेंशनरों के सम्मान और स्वाभिभान की रक्षा सुरक्षा करना है।उन्होंने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के आगामी कार्य योजना की जानकारी दिया।पेंशनरों के इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा पेंशनरों को केन्द्र सरकार के पेंशनरों के समान जनवरी 2026 से एरियर्स सहित 2% महंगाई राहत प्रदान नहीं करने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
इस प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उपस्थित प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों,राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों,समस्त जिला शाखाओं के अध्यक्षों के सुझाओं पर पेंशनरों के समस्याओं से संबंधित 17 विषयों पर सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।पारित प्रस्ताव में प्रमुख विषय है कि राज्य के पेंशनरों को केन्द्र सरकार के पेंशनरों के समान देय तिथि जनवरी 2026 से 2% महंगाई राहत प्रदान किया जावे,पेंशन मामलों में दोहरी नीति समाप्त किया जावे, 88 माह का बकाया महंगाई राहत का एरियर्स का भुगतान किया जावे।न मांग न जांच प्रमाण पत्र समय पर जारी किया जावे।पेंशनरों को केशलेश चिकित्सा सुविधा प्रदान किया जावे। हाई कोर्ट के आदेश के परिपालन में सेवानिवृत्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सम्पूर्ण सेवा को पेंशन गणना में शामिल किया जावे।65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृध्दि किया जावे।पेंशन कल्याण मण्डल का पुनर्गठन हो,वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा में छूट दिया जावे। पेंशनरों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी प्रकार के भुगतान सुनिश्चित किया जाए।जिला एवम संभाग स्तर पर पृथक पेंशन कार्यालय की स्थापना किया जाए।वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग का गठन किया जाए।पेंशनरों के निधन पर आश्रित परिजनों को 25 हजार रुपए की एक्स ग्रेसिया सहायता राशि प्रदान किया जाए।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने स्पष्ट कहा है कि पेंशनरों की न्यायोचित मांगों पर यदि सरकार द्वारा शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करने हेतु प्रदेश अध्यक्ष को अधिकृत किया गया है।
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री प्रवीण त्रिवेदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन बिलासपुर संभाग अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद कश्यप ने किया।



