छत्तीसगढ़

इंस्पायर अवार्ड में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बिल्हा की दो छात्राओं का सम्मान ।

इंस्पायर अवार्ड में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित बिल्हा की दो छात्राओं का सम्मान ।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट।
इंस्पायर अवार्ड मानक प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं कुमारी रेणुका धनुआर एवं कुमारी तृषा कमलेश का सम्मान मुख्य अतिथि श्री अमर अग्रवाल के हाथों किया गया। विकासखंड शिक्षा विभाग की ओर से दोनों छात्राओं को ₹5-₹5 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि एवं मोमेंटो भेंट किया गया।

उल्लेखनीय है कि सत्र 2024-25 में छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित 20 विद्यार्थियों में बिल्हा विकासखंड की दो छात्राएं शामिल हैं। देवरी खुर्द की कुमारी रेणुका धनुआर ने “वॉल माउंट स्पिट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम” मॉडल तैयार किया है, जो सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की स्थिति का पता लगाकर अलार्म के माध्यम से सचेत करता है। यह मॉडल स्वच्छता अभियान में उपयोगी साबित हो सकता है।

वहीं बिजौर की कुमारी तृषा कमलेश ने “वेदर गार्ड स्मार्ट बैग” बनाया है। सेंसर आधारित इस बैग में नमी या बारिश का संकेत मिलते ही जुड़ा हुआ छाता स्वतः खुल जाता है, जिससे किताबों एवं अन्य सामग्री को बारिश से बचाया जा सकता है।

दोनों छात्राएं 4 सितंबर को रायपुर में राज्य स्तरीय मेंटरशिप प्रशिक्षण में अपने मॉडल प्रस्तुत करेंगी, जहां विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से इन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के अनुरूप और बेहतर बनाया जाएगा।

इंस्पायर अवार्ड मानक भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान, नवाचार एवं शोध के प्रति रुचि विकसित करना है। सत्र 2026-27 के लिए पंजीयन प्रारंभ है और अंतिम तिथि 15 सितंबर है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यालयों से पांच विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाना है। विद्यालय परिवार की ओर से होम एग्जाम में विगत वर्ष सर्वोच्च अंक लाने वाली बालिकाओं को भी पुरस्कृत किया गया।

महारानी लक्ष्मी कन्या शाला की बालिकाओं को साइकिल वितरित करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरस्वती साइकिल वितरण योजना की शुरुआत की। इस योजना से विद्यालयों में बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ी, ड्रॉपआउट दर में कमी आई और उन्हें निरंतर शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिले।

उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए वर्ष 2004 से सरस्वती साइकिल वितरण योजना संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंच आसान बनाना और उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखना है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि बेटा और बेटी दोनों पढ़ेंगे, तभी परिवार शिक्षित और सशक्त बनेगा। शिक्षित बालिकाएं आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का आधार भी है।

उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें लैंगिक असमानता को समाप्त करने तथा बालक-बालिका दोनों को शिक्षा और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से ही समावेशी एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, पार्षद बंधु मौर्य, रंगा नादम, एल्डरमैन योगेश बोले, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य सहित शिक्षकगण, शाला विकास समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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