छत्तीसगढ़

सरस्वती साइकिल योजना से हंसिका के लिए शिक्षा की राह हुई आसान

सरस्वती साइकिल योजना से हंसिका के लिए शिक्षा की राह हुई आसान

छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट बिलासपुर, 09अगस्त 2026/किसी भी बेटी के सपनों को नई उड़ान देने के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यालय तक सहज पहुंच भी उतनी ही आवश्यक होती है। छत्तीसगढ़ शासन की सरस्वती साइकिल योजना इसी सोच को साकार कर रही है। यह योजना बेटियों को केवल साइकिल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, समय की बचत और शिक्षा की नई दिशा भी दे रही है। जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, चकरभाठा की कक्षा 9वीं की छात्रा हंसिका नेताम इसकी जीवंत मिसाल हैं।
हंसिका बताती हैं कि पहले विद्यालय आने-जाने में उन्हें काफी परेशानी होती थी। घर से स्कूल की दूरी तय करने में अधिक समय लग जाता था। कई बार समय पर विद्यालय पहुंचना भी चुनौती बन जाता था, जिससे पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ता था। प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने से थकान भी महसूस होती थी। सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद हंसिका की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई। अब वे कम समय में आसानी से विद्यालय पहुंच जाती हैं। पहले जहां स्कूल पहुंचने में काफी समय लगता था, वहीं अब घंटों की दूरी कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। समय की बचत होने से उन्हें पढ़ाई, गृहकार्य, खेलकूद तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और पढ़ाई के प्रति उनका उत्साह पहले से कहीं अधिक हो गया है।
हंसिका कहती हैं कि साइकिल मिलने से उन्हें आत्मनिर्भर होने का एहसास हुआ है। अब वे बिना किसी पर निर्भर हुए स्वयं विद्यालय आती-जाती हैं। इससे उनके परिवार को भी राहत मिली है और वे शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ’’सरस्वती साइकिल योजना’’ के अंतर्गत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा बीपीएल परिवारों की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। यह योजना विद्यालय तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ बालिकाओं के आत्मविश्वास, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी नई गति प्रदान कर रही है। हंसिका जैसी हजारों छात्राओं के लिए यह योजना उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो रही है।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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