कलेक्टर ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता परखी, जून तक डामरीकरण करने कहा

जिले की सड़कों को सुगम और सुरक्षित बनाने के संकल्प के साथ कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सोमवार को विभिन्न निर्माणाधीन और क्षतिग्रस्त मार्गों का धरातलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर आम जनता को बेहतर सड़क सुविधा मिलनी चाहिए।
कलेक्टर ने सबसे पहले एनएच-06 से बेलटुकरी मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि भारी वाहनों और खनिज परिवहन के कारण सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने जिला खनिज अधिकारी और पीएमजेएसवाई के अभियंताओं को निर्देशित किया कि क्षेत्र में संचालित फर्सी पत्थर और खनन उद्योगों के सहयोग से सड़क मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन से सड़कें टूट रही हैं, इसलिए खनन कंपनियां अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए गड्ढों की भराई और सड़क सुधार का कार्य मानक स्तर पर पूरा करें। इसके बाद कलेक्टर ने महासमुंद-तुमगांव निर्माणाधीन मार्ग (लंबाई 9.65 किमी) के डामरीकरण कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बेस लेयर, डामरीकरण की मोटाई और जल निकासी व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने ठेकेदार एजेंसी और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाते हुए इसे हर हाल में जून 2026 तक पूर्ण करें।
कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण सामग्री या मानकों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सीएस चंद्राकर को निर्देशित किया कि वे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों से जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को भी कहा। इस मौके पर जिला खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश, कार्यपालन अभियंता आशीष कुलदीप सहित संबंधित विभागों के अनुविभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।




