छत्तीसगढ़

सुरक्षा कर्मियों का हो रहा शोषण exploitation of security personnel

*सुरक्षा कर्मियों का हो रहा शोषण*

कोरबा/पटाढ़ी

शहर में सुरक्षा गार्ड मुहैया कराने वाली संस्थाओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। ये संस्थाये अपने कर्मचारियों को 8 से 12 घंटे से अधिक काम लेती है ओर उन्हें न्यूनतम मजदूरी से मेहनताना दिया जाता है।
यही नही उन्हें तमाम मौलिक सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है। बेरोजगारी अधिक होने के कारण इस बात की शिकायत करने के सामने आने से डरते है।हालांकि श्रमिक यूनियने ऐसी बातों पर कड़ी नजर रखने का दावा करती है।

शुभम अनंत ने बताया कि पताढ़ी लैंको अमरकंटक पावर प्लांट की जिसमे *एस आई एस* सिक्युरिटी गार्डो द्वारा लैंको की सुरक्षा व्यवस्था में लगी रहती है, इसके एवज में उन्हें कम रुपए में 6000 तक दिए जा रहे हैं जबकि सिक्योरिटी संस्थाएं संबंधित संस्थान से 7 से ₹10000 तक वसूलते हैं गार्ड के पोशाक आदि के लिए पहले ही पैसा जमा करा लिया जाता है कि आवेदन से पैसा काटकर भरपाई की जाती है वर्षों तक काम करने के बावजूद सामाजिक सुरक्षा जैसे ईएसआई पीएफ पेंशन बीमा आदि सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जाती है बेरोजगारी अधिक होने के कारण शोषण की शिकायत नहीं की जाती है

भूपेंद्र सबका संदेश न्यूज़ रिपोर्टर
बिलासपुर 9691444583

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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