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लॉकडाउन की संभावना को देख सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा और गुड़ाखू की जमाखोरी हुई शुरू

भिलाई। भिलाई-दुर्ग के बाजार में बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, पान मसाला और गुड़ाखू से व्यसन वाले सामानों की उपलब्धता कम होने लगी है। कोरोना संक्रमण में तेजी के बाद लॉकडाउन की संभावना दिखते ही बाजार में बनी इस स्थिति को जमाखोरी से जोड़कर देखा जा रहा है। इन सामग्रियों के दाम में भी पल-पल अप्रत्याशित वृद्धि आने वाले दिनों में जमकर कालाबाजारी होने की संभावना उभरने लगी है।

दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार अचानक तेज हो गई है। इससे एक बार फिर लॉकडाउन लगने की संभावना उभरने लगी है। इसके साथ ही कालाबाजारियों की करतूतें सामने आने लगी है। खासकर बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, पानमसाला और गुड़ाखू जैसी चीजों का बाजार में कृत्रिम संकट उत्पन्न कर दिया गया है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने जिले में धारा 144 लागू करने का जारी आदेश जारी किया है। इस आदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही व्यसन वाले चीजों के दाम बढ़ा दिया गया है। इतना ही नहीं थोक दुकानदारों ने माल कम होने का हवाला देकर चिल्हर व्यवसायियों को मांग के अनुरूप आपूर्ति करने में भी आनाकानी करना शुरू कर दिया है।

इस तरह की स्थिति जिला मुख्यालय दुर्ग सहित सम्पूर्ण भिलाई शहर, रिसाली, भिलाई-3 चरोदा, जामुल व कुम्हारी में बनी हुई है। लॉकडाउन की संभावना से प्राय: सभी प्रचलित ब्रांड के पान मसाला के दाम बढ़ चुके हैं। राजश्री व विमल जैसे मध्यम दर्जे के पान मसाला का दाम पुड़ा पीछे 10 से 15 रूपये बढ़ गया है। सबसे अधिक दाम में वृद्धि गुड़ाखू में सुनने को मिल रही है। महज 7 रूपये में मिलने वाली गुड़ाखू की छोटी डिबिया लॉकडाउन की संभावना के चलते 10 रूपये में बिकने लगी है। ढाई रूपये में मिलने वाला भारत छाप तम्बाकू पुडिय़ा आज तीन से चार रूपये में बिकने लगा। बीड़ी और सिगरेट की कीमतों में भी पर्याप्त उपलब्धता का अभाव बता कर इजाफा किया गया है।

थोक कारोबारियों की भूमिका संदिग्ध
पान दुकान संचालकों ने बताया कि लॉकडाउन की संभावना से थोक कारोबारियों की भूमिका संदिग्ध हो गई। गुरुवार को ही थोक कारोबारियों ने माल कम होने का रोना शुरू कर दिया। बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला आदि के थोक कीमत बढ़ा दिया। ऐसे में चिल्हर विक्रेताओं के लिए दाम बढ़ाने की मजबूरी बन गई है।

शहर के शराब दुकानों में बढ़ी भीड़
अभी लॉकडाउन घोषित करने प्रशासन की ओर से कोई संकेत नहीं है। लेकिन शहर के शराब दुकानों में भीड़ बढऩे लगी है। इस भीड़ में शराब का अवैध कारोबार करने वालों की संख्या काफी अधिक नजर आ रही है। पिछले लॉकडाउन के दौरान अपने वास्तविक कीमत से तीन गुना अधिक पर शराब की खरीदी बिक्री हुई थी।

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