शिक्षा से समृद्धि की ओर: ‘उल्लास’ साक्षरता महापरीक्षा अभियान में भागीदार बनने का सुनहरा अवसर। “जन-जन का यह नारा है, निरक्षरता दूर भगाना है।”

शिक्षा से समृद्धि की ओर: ‘उल्लास’ साक्षरता महापरीक्षा अभियान में भागीदार बनने का सुनहरा अवसर। “जन-जन का यह नारा है, निरक्षरता दूर भगाना है।”
भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट।
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत संचालित ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत आगामी मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा 27/09/2026 को आयोजित होने जा रही है। यह अभियान 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन सभी नागरिकों के लिए एक नया अवसर लेकर आया है जो किसी कारणवश औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित रह गए थे।
ब्लाक समन्वयक साक्षर भारत डॉ उमेश कुमार दुबे ने कहा कि इस महापरीक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल अक्षर ज्ञान प्रदान करना नहीं बल्कि नागरिकों को दैनिक जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी गणितीय क्षमता,डिजिटल ज्ञान, वित्तीय जागरूकता और जीवन कौशल प्रदान कर 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने के बाद उनका बुनियादी मूल्यांकन किया जाएगा।
परीक्षा में सफल होने वाले नव-साक्षरों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) द्वारा अधिकृत साक्षरता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
दैनिक हिसाब-किताब, मोबाइल चलाने की समझ और बैंक से जुड़े डिजिटल कार्यों को सीखने में मदद मिलेगी।
जो भी नागरिक पढ़ना-लिखना सीखना चाहते हैं, वे बिना किसी झिझक के अपने नजदीकी प्राथमिक या कंपोजिट विद्यालय में संपर्क कर अपना पंजीकरण कराएं और इस महापरीक्षा में शामिल हों।
डॉ उमेश दुबे ने आव्हान करते हुए कहा कि विकास खंड बम्हनीडीह को 100% साक्षर बनाने के लिए स्वयंसेवी शिक्षक (Volunteer Teacher) के रूप में आगे आएं। अपने आस-पास,घर या मोहल्ले के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में योगदान दें।
ग्राम प्रधान, वार्ड पार्षद, पंच, स्व सहायता समूह और शिक्षक, सामाजिक संगठनों अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता फैलाएं ताकि कोई भी नागरिक इस अवसर से न छूटे।
साक्षरता ही सशक्त समाज और विकसित भारत की नींव है। आइए उल्लास ऐप (ULLAS App) और जन-सहभागिता के माध्यम से हर एक नागरिक को ज्ञान के प्रकाश से जोड़ें और इस साक्षरता महापरीक्षा अभियान को पूर्णतः सफल बनाएं।
“जन-जन का यह नारा है, निरक्षरता दूर भगाना है।”




