व्यापार जो आधार – झूलेलाल साईं जो नाम: सतराम जेठमलानी जी की सिंधी रचना हुई वायरल

व्यापार जो आधार – झूलेलाल साईं जो नाम: सतराम जेठमलानी जी की सिंधी रचना हुई वायरल
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट। हर दिन हर पल सेवा एक नई पहल
सिंधी समाज के वरिष्ठ समाजसेवी एवं आर्ट ऑफ लिविंग की “सेवा की एक नई पहल” से जुड़े श्री सतराम जेठमलानी जी द्वारा रचित झूलेलाल साईं जी पर आधारित एक सिंधी भजन सोशल मीडिया पर लोगों को खूब भा रहा है।
उनकी रचना “व्यापार” में उन्होंने बड़ी सुंदर बात कही है कि
शुरू कयो तुंझे नाले जो व्यापार, कजायें झूलण मुंझो बेडो पार। टको लगन्दो न सांई हिक पैसो, सिक आऊं प्यार आ आधार।
इस रचना के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया है कि झूलेलाल साईं जी के नाम से शुरू किया गया व्यापार बिना किसी पूंजी के भी प्यार और आस्था के आधार पर सफल होता है।
सतराम जी द्वारा समय-समय पर सिंधी भाषा में ऐसी आध्यात्मिक रचनाएं लिखी जाती हैं, जो युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और इष्ट देव झूलेलाल साईं से जोड़े रखती हैं।
रचना : सतराम जेठमलानी, बिलासपुर सेवा एक नई पहल


