छत्तीसगढ़

समन्वित खेती से तिजाराम ने बदली खेती की तस्वीर

समन्वित खेती से तिजाराम ने बदली खेती की तस्वीर

सालाना कमाई पहुंची 2 लाख रुपये से अधिक

नारायणपुर, 17 अगस्त 2026// जिले के ग्राम बड़ेझमरी निवासी किसान तिजाराम/सुखराम ने समन्वित खेती को अपनाकर कृषि के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है। करीब 20 वर्षों से कृषि कार्य कर रहे तिजाराम ने खेती के साथ उद्यानिकी फसल, पशुपालन, मुर्गीपालन और मछलीपालन को जोड़कर अपनी आय के नए स्रोत विकसित किए हैं।

          तिजाराम के पास लगभग 2 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जहां वे धान, मक्का, उड़द, चना और अरहर जैसी फसलों की खेती करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने उद्यानिकी फसलों और पशुपालन को भी अपनी कृषि व्यवस्था का हिस्सा बनाया है। इससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त होती रहती है।

          लगभग तीन वर्ष पहले कृषि विभाग के अधिकारियों एवं आत्मा योजनांतर्गत अधिकारियों-कर्मचारियों के संपर्क में आने के बाद तिजाराम को विभागीय योजनाओं और कृषि के उन्नत तरीकों की जानकारी मिली। उन्हें अरहर उत्पादन के लिए निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन से प्रेरित होकर उन्होंने अरहर के साथ मुर्गीपालन, बत्तख पालन और मछलीपालन को भी अपनाया।

          तिजाराम बताते हैं कि अलग-अलग कृषि गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़कर करने से खेत से मिलने वाली आमदनी में वृद्धि हुई है। समन्वित खेती के माध्यम से उनकी वार्षिक आय करीब 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इससे वे अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर पा रहे हैं और खेती का विस्तार करने के लिए भी प्रोत्साहित हैं।

          तिजाराम की सफलता का असर अब गांव के अन्य किसानों पर भी दिखाई दे रहा है। उनकी आय और खेती के तरीके से प्रभावित होकर आसपास के किसान भी समन्वित खेती, मुर्गीपालन, बत्तख पालन और मछलीपालन जैसी गतिविधियों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

Related Articles

Back to top button