छत्तीसगढ़

एग्रीस्टेक किसान पंजीयन से कुकड़ाझोर के किसान बीरसिंह को मिली राहत, अब समय पर मिल रहा खाद-बीज

एग्रीस्टेक किसान पंजीयन से कुकड़ाझोर के किसान बीरसिंह को मिली राहत, अब समय पर मिल रहा खाद-बीज

नारायणपुर, 12 जुलाई 2026// जिले के किसानों के लिए शासन की डिजिटल पहल एग्रीस्टेक किसान पंजीयन खेती-किसानी को अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का माध्यम बन रही है। हालांकि प्रारंभिक चरण में कुछ किसानों को तकनीकी कारणों से पंजीयन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की तत्परता से इन समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि किसान अब बिना किसी बाधा के खाद-बीज सहित अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

ग्राम कुकडाझोर निवासी किसान बीरसिंह पिता माहरू भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिन्हें एग्रीस्टेक किसान पंजीयन नहीं हो पाने के कारण खाद-बीज प्राप्त करने में परेशानी हो रही थी। खरीफ सीजन के दौरान समय पर खाद और बीज नहीं मिलने की चिंता उन्हें लगातार परेशान कर रही थी। कई प्रयासों के बावजूद तकनीकी समस्या के कारण उनका पंजीयन पूर्ण नहीं हो पा रहा था, जिससे वे शासन की कृषि योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे थे।

अपनी समस्या के समाधान के लिए बीरसिंह ने तहसील कार्यालय नारायणपुर पहुंचकर अधिकारियों को अपनी परेशानी से अवगत कराया। किसान की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने तत्काल तकनीकी स्तर पर जांच कराई और पंजीयन में आ रही त्रुटियों का निराकरण कराया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीरसिंह का एग्रीस्टेक किसान पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ और उन्हें इसकी जानकारी भी तत्काल उपलब्ध कराई गई।

पंजीयन पूर्ण होने के बाद बीरसिंह अब स्थानीय सहकारी समिति से आसानी से खाद और बीज प्राप्त कर रहे हैं। समय पर कृषि सामग्री मिलने से वे निर्धारित समय पर अपनी खेती का कार्य कर पा रहे हैं। बीरसिंह का कहना है कि यदि उनकी समस्या का समय पर समाधान नहीं होता, तो खेती का कार्य प्रभावित हो सकता था। वे जिला प्रशासन और तहसील कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि शासन की त्वरित पहल ने उनकी चिंता दूर कर दी और खेती का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सका।

ऐसा ही लाभ ग्राम बोरण्ड के किसान वीरू तथा ग्राम कोचवाही के सगराम पोटाई को भी मिला। इन दोनों किसानों को भी एग्रीस्टेक किसान पंजीयन नहीं होने के कारण खाद-बीज प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी। उनकी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए त्वरित निराकरण कर उनका पंजीयन पूर्ण कराया। इसके बाद दोनों किसानों को भी आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध हो सके।

यह पहल दर्शाती है कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। एग्रीस्टेक किसान पंजीयन जैसी डिजिटल व्यवस्था न केवल कृषि सेवाओं को अधिक पारदर्शी बना रही है, बल्कि किसानों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नारायणपुर जिले में किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन और किसानों के बीच बेहतर समन्वय से खेती को अधिक सशक्त, सरल और लाभकारी बनाया जा सकता है।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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