BSF, सेना और प्रशासन एक साथ करेंगे काम’, अमित शाह ने देश की सीमा सुरक्षा के लिए बनाया मास्टर प्लान

नई दिल्ली। पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा को स्मार्ट फेंसिंग से लैस करने की घोषणा करने के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सीमा से सटे पूरे इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए चतुष्कोणीय ग्रिड की रूपरेखा बताई।
शाह ने कहा कि बीएसएफ, सेना, सीमांत गांवों के नागरिकों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बनने वाला यह ग्रिड सीमा को पूरी तरह अभेद्य बनाने का काम करेगा।
बीकानेर के पास सांचू पोस्ट पर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है, जो चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड से ही संभव है। राजस्थान के बाद वह गुजरात, त्रिपुरा और बंगाल की सीमाओं का भी दौरा करेंगे।
BSF को सीमा पार की गतिविधियों पर रखनी होगी नजर
अमित शाह ने साफ किया कि सीमा की सुरक्षा अलग-थलग काम नहीं है, बल्कि यह एक क्षेत्रीय जिम्मेदारी है। सीमा पर परंपरागत ड्यूटी के साथ ही बीएसएफ को अवैध तस्करी व घुसपैठ के साथ ही सीमा पार की गतिविधियों पर दिन-रात नजर रखनी होगी।सीमा पार की गतिविधियों के अनुसार सेना को भी खुद को तैयार करना होगा। सीमा से सटे इलाकों में अवैध निर्माण समेत सभी गतिविधियों पर भी बीएसएफ को नजर रखनी होगी और जरूरत के अनुरूप स्थानीय प्रशासन को साथ में लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करानी होगी।
सीमावर्ती इलाकों में ग्रामीणों को अवैध तस्करी और घुसपैठ के प्रति जागरूक करना होगा। उनके अनुसार, बीएसएफ का कार्यक्षेत्र सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे को बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने के पीछे यही उद्देश्य था।
शाह के अनुसार, सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों के साथ ही बीएसएफ को सीमा के अंदर से होने वाले आंतरिक खतरों पर भी नजर रखनी होगी। सीमा के अंदर भी कुछ लोगों का उपयोग देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है।
शाह ने बताया कि उन पर न सिर्फ नजर रखनी होगी, बल्कि उनके विरुद्ध कानून के तहत ठोस कार्रवाई भी करनी होगी। सीमा पर ड्रोन, रडार, आधुनिक उपकरणों के साथ स्मार्ट सिक्यूरिटी ग्रिड बनाया जा रहा है।



