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बालाघाट चावल घोटाला: एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, तीन राइस मिल मालिक और मैनेजर गिरफ्तार; कई बड़े नाम रडार पर

बालाघाट। मध्य प्रदेश में एथनाल प्लांट के नाम पर सरकारी फोर्टिफाइड चावल की कथित हेराफेरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन राइस मिल मालिकों और एक प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी अब सभी आरोपितों की रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।

इसके अलावा छह अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि चार आरोपित अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

1100 करोड़ रुपये के चावल की हेराफेरी की आशंका

एसआईटी की जांच में आशंका जताई गई है कि प्रदेश के 17 जिलों में स्थित 22 एथनाल प्लांटों के माध्यम से करीब 1100 करोड़ रुपये मूल्य के फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी की गई। इस पूरे मामले का खुलासा तीन जून को बालाघाट में 242 क्विंटल सरकारी चावल से भरा एक ट्रक पकड़े जाने के बाद हुआ था। इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया

ऐसे किया जाता था कथित खेल

प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार एथनाल उत्पादन के लिए एफसीआई गोदामों में रखे पुराने और खाने योग्य नहीं बचे चावल का उपयोग किया जाना है। इस व्यवस्था में वितरण से बचा फोर्टिफाइड चावल भी शामिल किया गया है। एथनाल प्लांट संचालकों को यह चावल 2320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया जाता है।

जांच के अनुसार कुछ संचालक इस चावल से एथनाल बनाने के बजाय इसे 2800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राइस मिलों को बेच देते थे। इससे राइस मिल संचालकों को प्रति क्विंटल लगभग 480 रुपये का लाभ होता था। बाद में यही चावल नई पैकिंग में तय प्रक्रिया के तहत सरकार को उपलब्ध कराया जाता था, जिससे कस्टम मिलिंग और फोर्टिफिकेशन की लागत भी बच जाती थी।

इन राइस मिल संचालकों पर हुई कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने नैतरा स्थित बिहारी राइस मिल के संचालक बिहारी पटले और उसके प्रबंधक, शांति राइस मिल के संचालक सुरेंद्र तथा गर्रा स्थित विराज राइस मिल के संचालक गौरव माहेश्वरी को गिरफ्तार किया है।

जांच एजेंसी का कहना है कि पहले से गिरफ्तार आरोपितों, संदिग्धों से पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी इन राइस मिलों तक पहुंची। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने स्वीकार किया कि बालाघाट के एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा के एथनाल प्लांट के लिए भेजा जाने वाला सरकारी फोर्टिफाइड चावल उनकी राइस मिलों में भी पहुंच रहा था।

संचेती परिवार और भाजपा नेता के रिश्तेदार से पूछताछ

जिस संचेती राइस मिल से इस पूरे मामले का खुलासा हुआ था, उस परिवार के एक सदस्य को भी एसआईटी ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक गंभीर संचेती के भाई और सौरभ संचेती के चाचा राजेश संचेती की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है। हालांकि गंभीर संचेती और उनके पुत्र सौरभ संचेती अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सूत्रों के अनुसार मामले में एक भाजपा नेता के भतीजे को भी हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है।

अहम दस्तावेज जब्त, कई राज्यों में दबिश

एसआईटी ने गिरफ्तार किए गए तीनों राइस मिल मालिकों और प्रबंधक से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें राइस मिल और गोदामों की भंडारण क्षमता, स्टॉक का लेखा-जोखा तथा अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ और दस्तावेजों के आधार पर कई नए सुराग मिल सकते हैं। फरार आरोपितों की तलाश में एसआईटी की टीमें महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में लगातार दबिश दे रही हैं।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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