मंडल के सभी प्रमुख स्टेशन परिसरों, पटरियों एवं पेयजल स्थानों में चलाया गया स्वच्छताअभियान ।

मंडल के सभी प्रमुख स्टेशन परिसरों, पटरियों एवं पेयजल स्थानों में चलाया गया स्वच्छताअभियान ।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू ब्यूरो रिपोर्ट l 09 सितम्बर 2025/ रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस 2025 के उपलक्ष्य में चलाए गए स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 16 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 तक विशेष स्वच्छता अभियान निरंतर जारी है। इसी क्रम में दिनांक 08 सितम्बर 2025 को मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर नामित अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा गहन निरीक्षण कर स्वच्छता अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसरों एवं पटरियों में बेहतर साफ-सफाई तथा अपशिष्ट कचरे के उचित निष्पादन सुनिश्चित किया गया।
इस अभियान के अंतर्गत प्रमुख गतिविधियाँ इस प्रकार रहीं –
रेल पटरियों की बेहतर सफाई- मंडल के इन सभी प्रमुख स्टेशनों एवं आस-पास के क्षेत्रों में रेलवे पटरियों की बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित की गई।
प्लेटफार्मों एवं परिसरों की साफ-सफाई – मंडल के इन सभी स्टेशनों के प्लेटफार्मों एवं परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर आवश्यकतानुसार प्लेटफार्म शौचालय, वेटिंग हाल, स्टेशनों में स्थित सभी कार्यालयों में एकत्रित कचरों का निष्पादन कर बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित की गई |
सीटीएस योजना की समीक्षा- क्लीन ट्रेन स्टेशन (CTS) योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
सफाई उपकरणों की उपलब्धता- सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए मशीनों, उपकरणों एवं सुरक्षात्मक साधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं उनके सुचारू संचालन की जाँच की गई। निरीक्षण के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया कि सभी सफाईकर्मी आवश्यक आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा साधनों के साथ कार्य करें, जिससे स्टेशनों की स्वच्छता और यात्रियों की सुविधा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
पेयजल नल क्षेत्र की सफाई- स्टेशनों में उपलब्ध पानी की व्यवस्था, आपूर्ति के स्रोत तथा पीने के पानी के स्थानों का गहन निरीक्षण किया गया | साथ ही सभी पेयजल नल क्षेत्रों के आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। टेस्टिंग किट के माध्यम से स्टेशनों में उपलब्ध कराए जा रहे पानी की शुद्धता की जांच भी सुनिश्चित की गई।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया – इन सतत प्रयासों के माध्यम से रेलवे परिसरों में न केवल स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि यात्रियों एवं कर्मचारियों में पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति भी सुदृढ़ होगी ।


