स्कूल केईन्ता के तहत् दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के डोंगरी गांव में गोटुल से शुरू हुई वैकल्पिक प्राथमिक शाला

स्कूल केईन्ता के तहत् दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र के डोंगरी गांव में गोटुल से शुरू हुई वैकल्पिक प्राथमिक शाला
10 बच्चों के नामांकन के साथ पारंपरिक माटी पूजा कर शाला का शुभारंभ
नारायणपुर, 23 सितंबर 2026// कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार स्कूल केईन्ता के तहत् जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत जाटलूर के डोंगरी गांव में वैकल्पिक प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया गया। गांव में संचालित गोटुल में पारंपरिक माटी पूजा एवं स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ शाला का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रारंभिक रूप से 10 बच्चों का नामांकन किया गया। ग्रामीणों ने बच्चों की शिक्षा के लिए गांव में ही शाला शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। डोंगरी गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां तक पहुंचना काफी चुनौतीपूर्ण है। गांव की दूरी पोषक शाला प्राथमिक शाला हरवेल, संकुल जाटलूर से लगभग 8 किलोमीटर है। यह पूरा रास्ता दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है और गांव तक पहुंचने के लिए मुख्य रूप से पैदल मार्ग का ही सहारा है। हरवेल से डोंगरी गांव तक पहुंचने में लगभग एक घंटा 45 मिनट का समय लगता है, जिसमें करीब एक घंटे तक पहाड़ी रास्ते पर चढ़ाई करनी पड़ती है। ऐसी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण छोटे बच्चों के लिए प्रतिदिन इतनी दूरी तय कर पोषक शाला तक पहुंचना कठिन था।
बच्चों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा की पहुंच को गांव के निकट लाने की पहल की गई। इसी क्रम में डोंगरी गांव में गोटुल को वैकल्पिक प्राथमिक शाला के रूप में प्रारंभ किया गया है। अब गांव के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए दुर्गम पहाड़ी रास्ते से होकर 8 किलोमीटर दूर स्थित पोषक शाला तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। शाला शुभारंभ के अवसर पर संकुल समन्वयक जाटलूर, प्राथमिक शाला हरवेल के अतिथि शिक्षक, जिन्होंने टीम को दुर्गम पहाड़ी मार्ग से गांव तक पहुंचने में पथ-प्रदर्शक की भूमिका निभाई, स्वेच्छक तथा प्राथमिक शाला धोबे के शिक्षक उपस्थित रहे। ग्रामीणों की ओर से गांव के गायता, पटेल एवं अन्य ग्रामीणजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में पारंपरिक माटी पूजा कर बच्चों के नामांकन के साथ शाला का विधिवत शुभारंभ किया गया।
शाला प्रारंभ होने से डोंगरी गांव के बच्चों और अभिभावकों में उत्साह का वातावरण है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की भौगोलिक स्थिति और आवागमन की कठिनाइयों के कारण बच्चों की नियमित शिक्षा एक बड़ी चुनौती थी। गांव में ही वैकल्पिक शाला शुरू होने से अब बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखना आसान होगा और उनकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रह सकेगी। जिला प्रशासन द्वारा जिले के दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक पहल की जा रही है। डोंगरी गांव में वैकल्पिक प्राथमिक शाला का शुभारंभ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को उनके निवास स्थान के नजदीक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना तथा किसी भी बच्चे को भौगोलिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा से वंचित न होने देना है।



