साक्षरता महापरीक्षा अभियान, असाक्षर परीक्षा देकर बढ़ायेंगे साक्षरता की ओर कदम : बसंत चतुर्वेदी विकास खंड शिक्षा अधिकारी बम्हनीडीह

साक्षरता महापरीक्षा अभियान, असाक्षर परीक्षा देकर बढ़ायेंगे साक्षरता की ओर कदम : बसंत चतुर्वेदी विकास खंड शिक्षा अधिकारी बम्हनीडीह
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट।
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (उल्लास) के अंतर्गत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के असाक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से विकास खंड बम्हनीडीह में साक्षरता महापरीक्षा का आयोजन 27 सितंबर 2026 को किया जायेगा। इस महापरीक्षा अभियान के तहत ग्रामीण व नगर पंचायत क्षेत्रों के प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में बनाए गए केंद्रों पर सैकड़ों परीक्षार्थियों भाग लेंगे। परीक्षार्थियों में पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित सीखने को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों और गृहिणियां भी केंद्र पर पहुँचकर अपनी साक्षरता महापरीक्षा अभियान में भाग लेंगे। परीक्षा में अभ्यर्थियों के पढ़ने, लिखने और बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान (Numeracy Skills) का आकलन किया जाएगा।
विकास खंड बम्हनीडीह के सभी प्रमुख गांव-गांव में सैकड़ों नवसाक्षर परीक्षा देंगे।बुनियादी साक्षरता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) तथा साक्षरता मिशन की ओर से अधिकृत प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
विकास खंड शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, बीआरसी, बीआरपी, संकुल प्राचार्य, समन्वयक और साक्षरता समन्वयक विभिन्न केंद्रों का दौरा कर परीक्षा के सुचारू संचालन का जायजा लेंगे।
विकास खंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अक्षर ज्ञान देना नहीं, बल्कि नवसाक्षरों को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और दैनिक जीवन के जरूरी कार्यों में सक्षम बनाना है।



