समाजिक संस्था सेवा एक नई पहल ने निराश्रित माताओं बहनों के साथ मनाया तीजा पर्व, हर दिन हर पल सेवा एक नई पहल।

समाजिक संस्था सेवा एक नई पहल ने निराश्रित माताओं बहनों के साथ मनाया तीजा पर्व, हर दिन हर पल सेवा एक नई पहल।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट। भगवान शिव व माता पार्वती का आराधना पर्व तीजा पूरे भारत वर्ष के साथ साथ छत्तीसगढ़ में भी श्रद्धा पूर्वक धूमधाम से मनाया जाता है इस त्यौहार पर सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली तथा सुखद दाम्पत्य जीवन की कामना करते हुए व्रत उपवास करती है, इन तीज त्यौहारों के उल्लास मय माहौल से कही दूर एक ऐसा वर्ग भी हमारे समाज के ही बीच में बसता है जिनके लिए इन पर्वों की रोशन सुबहे बजाय खुशी के एक और उदास सांझ में परिवर्तित हो ढल जाती है, अपनो को याद कर, बिछड़ों का स्मरण कर, इन्हीं निराश्रित परित्यक्त आत्माओं की हर हमेशा सुध लेती है समाजिक संस्था सेवा एक नई पहल, संस्था के सदस्य हर शुभ अवसर पर इनके बीच आते हैं खुशियों के गीत गाकर हंसी खुशी समय व्यतीत कर रंग बि रंगे वस्त्र, तरह तरह की मिठाईया, फल फ्रूट नमकीन वस्तुएं वितरित कर और दैनिदिनी आवश्यकता की सामग्री भेंट कर खुशनुमा माहौल में प्रसन्न चित्त बुजुर्गों से आशीर्वाद ले विदा होते है अगले पर्व में फिर मिलने की कामना के साथ।
इसी तारतम्य में समाजिक सरोकार हेतु प्रतिबद्ध समाजिक संस्था सेवा एक नई पहल ने आज सुखाश्रम की प्रमुख संचालिका रेखा आहुजा जी के स्नेह सानिध्य और प्रेरणा से जोरा पारा स्थित सुवाणी शांतिधाम सुखाश्रम रहवासी बुजुर्ग प्रभुजनों के बीच जाकर उनसे तीजा पोरा पर्व की खुशियां साझा करी।
वरिष्ठ समाज सेवी दंपति कमलेश महेंद्र माखीजा जी के सुमधुर गायन के पश्चात् संस्था के सदस्यों ऑक्सिजन मेन राजेश खरे, नवीन पंजवानी, सिमरन तलरेजा, हर्षिता , रजनी मलघानी जी ने तीजा पर्व के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ी रीति रिवाज अनुसार मातृ शक्तियों को पारम्परिक साड़ियाँ व बुजुर्ग प्रभुजनों को टी शर्ट आदि वस्त्रों के साथ फल फ्रूट मिष्ठान भेंट कर मुंह मीठा करवाया ।
संस्था के संयोजक सतराम जेठमलानी ने इस उत्सव के आयोजन में सहभागिता और मुक्त हस्त सहयोग के लिए कार्यक्रम संयोजिका रेखा आहुजा के साथ साथ ऊषा टंडन, रेणु मूंदड़ा, आकाश माखीजा व आर्ट ऑफ लिविंग परिवार रायगढ़ चेप्टर की साधिका आशा अग्रवाल, युवा उद्योग पति सोनू पाहुजा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा रखी।
प्रेषक : सेवा एक नई पहल।



