स्मार्टफोन की एक गलत सेटिंग बन सकती है साइबर खतरे की वजह, कबीरधाम पुलिस ने महिलाओं एवं छात्राओं को स्मार्टफोन प्राइवेसी सेटिंग्स और सुरक्षित ब्राउज़िंग का जानकारी देकर किया जागरूक

साइबर जागृति अभियान, जिला पुलिस कबीरधाम (छत्तीसगढ़)
स्मार्टफोन की एक गलत सेटिंग बन सकती है साइबर खतरे की वजह, कबीरधाम पुलिस ने महिलाओं एवं छात्राओं को स्मार्टफोन प्राइवेसी सेटिंग्स और सुरक्षित ब्राउज़िंग का जानकारी देकर किया जागरूक
कबीरधाम पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में आमजन को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने एवं डिजिटल माध्यमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दिनांक 15 अगस्त 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का साइबर जागृति अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 07 सितंबर 2026 को साइबर जागृति अभियान के तहत “स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सुरक्षित ब्राउज़िंग” विषय को केंद्र में रखते हुए जिलेभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विशेष रूप से महिला महाविद्यालयों की छात्राओं, महिला समूहों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य महिलाओं को स्मार्टफोन के सुरक्षित उपयोग तथा उनकी व्यक्तिगत एवं डिजिटल जानकारी को सुरक्षित रखने के संबंध में जागरूक किया गया।
कबीरधाम पुलिस के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना एवं चौकी क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं एवं छात्राओं को बताया गया कि स्मार्टफोन में व्यक्तिगत फोटो, वीडियो, संपर्क नंबर, बैंकिंग संबंधी जानकारी, सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित रहती हैं। इसलिए स्मार्टफोन की प्राइवेसी एवं सिक्योरिटी सेटिंग्स को सही ढंग से सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं छात्राओं को मोबाइल फोन में मजबूत स्क्रीन लॉक, पासवर्ड, पिन अथवा फिंगरप्रिंट लॉक का उपयोग करने तथा अपना पासवर्ड या पिन किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। साथ ही विभिन्न मोबाइल ऐप्स को अनावश्यक रूप से कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन, संपर्क सूची एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी की अनुमति न देने तथा समय-समय पर ऐप परमिशन एवं प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करने के संबंध में जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने, अज्ञात व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने तथा अपनी निजी फोटो, वीडियो एवं व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने की समझाइश दी गई। महिलाओं एवं छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी कभी साझा न करें।
सुरक्षित ब्राउज़िंग के संबंध में महिलाओं एवं छात्राओं को समझाइश दी गई कि इंटरनेट का उपयोग करते समय केवल विश्वसनीय वेबसाइट एवं सुरक्षित ऐप का ही उपयोग करें। किसी अज्ञात लिंक, संदिग्ध विज्ञापन, फर्जी वेबसाइट अथवा अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी ऐप को केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें तथा अज्ञात स्रोतों से प्राप्त एप्लीकेशन या एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें।
जागरूकता कार्यक्रमों में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर बुलिंग, अश्लील अथवा आपत्तिजनक संदेश और अन्य डिजिटल अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। महिलाओं एवं छात्राओं को समझाइश दी गई कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया अथवा अन्य ऑनलाइन माध्यम से परेशान करता है, धमकी देता है, ब्लैकमेल करता है या उनकी फोटो एवं व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग करता है, तो घबराएं नहीं और तत्काल इसकी शिकायत करें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी अथवा ऑनलाइन अपराध की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने एवं संबंधित थाने अथवा साइबर पुलिस से संपर्क करने के संबंध में भी जागरूक किया गया।
कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित यह विशेष जागरूकता अभियान महिलाओं एवं छात्राओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित, जागरूक एवं सतर्क बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कबीरधाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने स्मार्टफोन एवं सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स को सुरक्षित रखें, संदिग्ध लिंक एवं फर्जी कॉल से सावधान रहें तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाकर स्वयं एवं अपने परिवार को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखें।


