कोटा नगरपालिका के कर्मचारी हड़ताल पर, सांसद प्रतिनिधि, एल्डरमैन पर लगाए आरोप कहा काम नहीं करने देते, एल्डरमैन और सांसद प्रतिनिधि ने कहा कर्मचारी कई साल से यहां टिके है इसलिए काम करना नहीं चाहते ।

कोटा नगरपालिका के कर्मचारी हड़ताल पर, सांसद प्रतिनिधि, एल्डरमैन पर लगाए आरोप कहा काम नहीं करने देते, एल्डरमैन और सांसद प्रतिनिधि ने कहा कर्मचारी कई साल से यहां टिके है इसलिए काम करना नहीं चाहते ।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर भूपेंद्र साहू की रिपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कोटा नगर पालिका के कर्मचारी बैठे हड़ताल पर । कार्यालय में काम रहा ठप्प।
कर्मचारियों ने लगाया नवनियुक्त एल्डरमैन पर लगाया बदसलूकी का आरोप।
कोटा नगर पालिका कुछ ना कुछ कारणों से सुर्खियों में बना रहता है। ताजा मामला नवनियुक्त एल्डरमैन एवं कर्मचारियों के गतिरोध सामने आया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एल्डरमैन महेंद्र अग्रहरि द्वारा नगर पालिका के कर्मचारी दुर्गेश सोनी से अभद्र पूर्ण व्यवहार किया गया।
कोटा नगर पालिका के सभी कर्मचारी अपना काम छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए । जिससे पूरे दिन नगर पालिका काम बंद रहा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विस्तार से दो दिन पूर्व नगर पालिका के कर्मचारी दुर्गेश सोनी एवं नवनियुक्त एल्डरमैन के बीच किसी बात को लेकर कहा सुनी हुई। दूसरे दिन एल्डरमैन महेंद्र अग्रहरि द्वारा अध्यक्ष के चेंबर में बुला कर दुर्गेश सोनी से बदसलुकी की गई जिससे सभी कर्मचारी एकजुट होकर धरने में बैठ गए। नगर पालिका कर्मचारी दुर्गेश सोनी ने आरोप लगाया कि सांसद प्रतिनिधि दुर्गेश साहू एवं एल्डरमैन महेंद्र अग्रहरि द्वारा मुझे अध्यक्ष चेंबर में बुलाकर मुझसे अमर्यादित ढंग से अपशब्दो का उपयोग किया गया जिससे मुझे मानसिक रूप से पीड़ा हुई है। जिससे सभी कर्मचारी धरने में धरने में बैठ गए । धरने में बैठे कर्मचारियों द्वारा सांसद प्रतिनिधि एवं एल्डरमैन को हटाने की मांग की है।
इस पूरी मामले में जब सांसद प्रतिनिधि दुर्गेश साहू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कर्मचारियों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है। कर्मचारी समय पर ऑफिस नहीं आते एवं मनमानी करते है। कर्मचारियों की उदासीनता से सभी विकास के कार्य समय पर नहीं हो पाते जिससे हमें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ता है।
बहरहाल कर्मचारियों एवं एल्डरमैन के गतिरोध के बीच नगर पालिका में काम ठप्प रहा। देखने वाली बात होगी क्या कर्मचारियों की मांग पर शासन अमल करेगा या कर्मचारी ऐसे ही अपना धरना जारी रखेंगे।


