छत्तीसगढ़

सारंगपुरकला में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

सारंगपुरकला में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

सेप्टिक टैंक के अपशिष्ट का होगा वैज्ञानिक उपचार, स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा-सीईओ श्री अभिषेक अग्रवालकवर्धा, 27 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता संबंधी आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड बोड़ला की ग्राम पंचायत सारंगपुरकला में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का निर्माण पूर्ण हो गया है। इसके संचालन से ग्रामीणों को सेप्टिक टैंक के अपशिष्ट के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण की सुविधा मिलने लगी है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि एफएसटीपी के प्रारंभ होने से अब गांवों में सेप्टिक टैंक से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा। पहले टैंक की सफाई के दौरान अपशिष्ट के खुले में फैलने से गंदगी और प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती थी, वहीं लोगों को टैंक खाली कराने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब यह व्यवस्था पंचायत स्तर पर उपलब्ध होने से समस्या का प्रभावी समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का उद्देश्य केवल शौचालय निर्माण या कचरा संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण सैनिटेशन चेन को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाना है। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी।

सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि प्लांट में एकत्रित फीकल स्लज का वैज्ञानिक उपचार कर उसे उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित किया जाएगा। उपचारित सामग्री का उपयोग खाद एवं अन्य उपयोगी कार्यों में किया जा सकेगा। इससे गोबर गैस प्लांट, वर्मी कम्पोस्ट जैसी परिसंपत्तियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा तथा अपशिष्ट प्रबंधन की सतत व्यवस्था विकसित होगी। जिला समन्वयक श्री संजय सोनी ने बताया कि एफएसटीपी के निर्माण से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। पहले सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए नगरीय क्षेत्रों अथवा निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे अधिक खर्च वहन करना पड़ता था। अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध होने से पहले की तुलना में आधे से भी कम खर्च में यह कार्य कराया जा सकेगा।ग्राम पंचायत सारंगपुरकला के सरपंच एवं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एफएसटीपी के निर्माण से गांव में स्वच्छता व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है। इससे गांव का वातावरण स्वच्छ रहेगा तथा लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिलेगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने सभी ग्राम पंचायतों से अपील की कि वे एफएसटीपी सहित स्वच्छता से जुड़ी परिसंपत्तियों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें तथा ग्रामीणों को इनके उपयोग एवं लाभों के प्रति जागरूक करें, ताकि स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

एफएसटीपी से ग्रामीणों को होने वाले प्रमुख लाभ

सेप्टिक टैंक के अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित उपचार।
गंदगी, दुर्गंध एवं संक्रामक बीमारियों की आशंका में कमी।
पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को मिलेगा बढ़ावा।
टैंक की सफाई पर होने वाला खर्च कम होगा, पंचायत स्तर पर सुलभ सुविधा उपलब्ध होगी।
उपचारित अपशिष्ट का उपयोग खाद एवं अन्य उपयोगी कार्यों में किया जा सकेगा।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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