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कंस का किरदार निभाकर मुश्किल में पड़ गए थे Goga Kapoor, रास्ते में रोककर लोग पूछते थे बस एक ही सवाल

बॉलीवुड के वो दिग्गज अभिनेता थे, जिनकी कड़क आवाज और रौबीली छवि पर्दे पर आते ही खौफ पैदा कर देती थी। 80 और 90 के दशक की शायद ही कोई ऐसी बड़ी एक्शन फिल्म हो, जहां इन्होंने अपनी अदाकारी की छाप न छोड़ी हो।हम बात कर रहे हैं रविंद्र कपूर (Ravindra Kapoor) की जिन्हें बॉलीवुड फिल्मों में गोगा कपूर (Goga Kapoor) के नाम से जाना जाता था। रविंद्र ने बीआर चोपड़ा (BR Chopra) की महाभारत (Mahabharat) में भगवान कृष्ण की मां देवकी के भाई कंस का किरदार निभाया था। एक तरफ जहां महाभारत के हर किरदार को लोकप्रियता मिली और लोगों ने उन्हे प्यार दिया वहीं गोगा कपूर के लिए कंस का किरदार मुसीबत बन गया।

कंस का रोल निभाकर मिली नफरत

गोगा कपूर ने कई फिल्मों में विलेन का रोल निभाया लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा नफरत कंस के रोल के लिए मिली। कंस के रोल ने गोगा कपूर के लिए लोगों के मन में उनकी एक अलग ही छवि क्रिएट कर दी थी। लोग उन्हें पसंद नहीं करते थे। कंस के रोल की वजह से लोग उन्हें पापी, अत्याचारी और क्रूर इंसान समझते थे।

वहीं उनके फिल्मी करियर की बात करें तो गोगा कपूर ने अपने फिल्मी करियर में डॉन, दिनकर राव, डाकू और शैतान जैसे रोल किए हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1971 में फिल्म ‘ज्वाला’ से की थी।

अमिताभ बच्चन के साथ 20 फिल्मों में काम किया

गोगा कपूर ने साल 1971 में फिल्म ज्वाला से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और इसके बाद कई फिल्मों में नजर आए। कयामत से कयामत तक में उनके किरदार को काफी पसंद किया गया। अपने एक्टिंग करियर में गोगा ने 500 से अधिक फिल्मों में काम किया। अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने 20 फिल्में कीं।ये कंस के किरदार की गंभीरता ही थी कि लोग असल जिंदगी में गोगा कपूर से नफरत करने लगे थे। एक इंटरव्यू में इस बारे में गोगा ने खुलासा करते हुए बताया था कि वह जहां भी जाया करते थे, लोग उनसे पूछते थे कि उन्होंने अपनी बहन देवकी के साथ ऐसा अत्याचार क्यों किया?

70 साल की उम्र में हुआ निधन

गोगा कपूर की अन्य सफल फिल्मों की बात करें तो इसमें ‘तूफान’, ‘खून पसीना’, ‘घाटा’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘बेताब’, ‘अग्निपथ’, ‘हातिमताई’, ‘शोले और तूफान’,’याराना’और ‘जंजीर’ जैसी फिल्में शामिल हैं। गोगा कपूर ने 3 मार्च, 2011 को 70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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