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अभिताभ नामदेव ने लगाया साजिश का आरोप: कहा – झूठी शिकायत से छवि धूमिल करने की कोशिश

रायपुर प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता ; 15 साल से चुनाव जीतने वाले प्रतिद्वंद्वी पर निशाना

कोई नाबालिक को किराया नहीं दिया था।

लाज किराए का दस्तावेज पूर्ण था।

अभिताभ नामदेव एक वरिष्ठ पत्रकार और चुने हुए जिलाध्यक्ष है ,सामाजिक रंजिश का मामला गहराया।

मीडिया में दिखाया मामला से अलग आरोप लगाया गया 

विगत दिनों पूर्व  विधायक भाजपा डिप्टी मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को सामाजिक कार्यक्रम में अभिताभ नामदेव के निवेदन पर आना पूर्व कांग्रेसी पार्षद परिवार के गले में नहीं उतर पाया

शिकायत कर्ता से अभिताभ नामदेव का कोई लेना देना नहीं और सामाजिक विरोधी पूर्व पार्षद के घर के पास किराया में होना और गवाह सौरभ नामदेव का ड्राइवर होने से मामले में आया नया मोड

 

रायपुर, 20 फरवरी 2026 नामदेव समाज कबीरधाम के जिला अध्यक्ष और “सबका संदेश” साप्ताहिक कवर्धा संदेश समाचार पत्र के संपादक अभिताभ नामदेव ने आज रायपुर प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर अपने खिलाफ चल रहे मामले को पूरी तरह साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके सामाजिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शौरभ नामदेव द्वारा परिवार द्वारा रची साजिश प्रतीत हुआ है, उनका शुरू से प्रयास रहा था कैसे मेरी सामाजिक छवि धूमिल की जा सके। ताकि जिलाध्यक्ष समाज का संतोष नामदेव को बनाया जा सके ,सामाजिक चुनाव में मुझे तो कभी भी नहीं हरवा पाए थे।

20 11 2014 में भी संतोष बबला नामदेव द्वारा स्वयं को समाज का अध्यक्ष बनने की अफवाह उड़ाई थी ,जिसपर कलेक्टर से शिकायत हुई थी, पिता के समाज अध्यक्ष नहीं बनने की आपसी रंजिश के चलते अपने वार्ड के पड़ोसियों और अपने ड्राइवर को बनाया गया गवाह और शिकायतकर्ता

 

अभिताभ नामदेव ने बताया: “मेरा मकान किराए पर देने का काम चल रहा था, जिसे अब लॉज/होटल में बदलने का प्रयास था। निर्माणाधीन होने के कारण अभी रजिस्टर नहीं बनाया गया था। 6 फरवरी 26 को पुलिस टीम आई और जांच की। मौके पर मिले लड़के-लड़की बालिग थे और अपनी मर्जी से आए थे। जिसपर कोई कार्यवाही पुलिस की नहीं बनती अगर बालिक है तो। पुलिस जांच में कोई अवैध गतिविधि और कोई नाबालिक नहीं पाई गई। न ही उनपर किसी प्रकार दोषी पाया गया था । DSP पुलिस ने भी मीडिया को ब्यान दिया कि कोई संदिग्ध कार्य होना नहीं पाया गया है।

सिर्फ मेरी पुलिस से बहस हुई, इसलिए BNS की धारा 170 के तहत मामला दर्ज किया गया।” जो सामान्य पुरानी 151  धारा है।

उन्होंने आगे दावा किया: “शिकायतकर्ता कोई और नहीं, बल्कि शौरभ नामदेव के मोहल्ले का कोई नवीन सोनी और गवाह में उसका ड्राइवर था। जिनको मै जनता तक नहीं हु। मेरे गांव और पड़ोस के कोई नहीं किए थे। शिकायतकर्ता को भी कानूनी तौर कार्यवाही की तैयारी चल रही है।

मैं 15 साल से जिलाध्यक्ष हूं और बार-बार चुनावों में शौरभ नामदेव उनके पिता संतोष (बबला) परिवार को हराता आया हूं। इससे हतोत्साहित होकर उन्होंने षड्यंत्र रचने का अंदेशा है पहले लड़के-लड़की को मेरे लाज में भेजा गया, मेरे लॉज का निर्माण कार्य प्रगति पर था , इस कारण विगत दिनों से उधर का दरवाजा खुला रहता था जिसका फायदा उठाकर कुछ सामग्री को किसी अज्ञात के द्वारा फेंके जाने का संदेह है , चूंकि मै यू दिन  उससे पहले कुछ समय तक घर पर नहीं था जिसका फायदा उठाया गया होगा । जब किरायेदार आया तब भी घर पर नहीं होने से उसको नहीं देखा भी नहीं था, फिर झूठी शिकायत के आधार पर पुलिस बुलाई गई और सोशल मीडिया पर मनघड़ंत खबरें फैलाई गईं, और मेरे पुलिस पूछताछ के बीच लाज के ऊपर भेजकर वीडियो अपने कुछ चहेते साथियों से बनाई गई ताकि मेरी मान-मर्यादा को ठेस पहुंचे।”

सह सचिव ने बताया कि अभिताभ पर कोई भी आरोप सिद्ध हुआ नहीं कि तत्काल समाज परिवार विरोधी बाप बेटे की जोड़ी ने अनैतिक फर्जी अवैध रूप से अपने कुछ खाश चहेतो को लेकर सामाजिक भवन में ताला लगा दिया ,जिससे समाज ने तत्काल मीटिंग कर भवन के लगे ताले को तोड़ दिया।जिसके चलते पूरे समाज में इनके प्रति रोष व्याप्त हुआ। और साजिश का पर्दाफाश हुआ कि किस तरह अध्यक्ष को कानूनी जांच में फंसाकर उनके ही कार्यकाल बनवाए सामाजिक भवन को छीन लिया जाए जो समाज का विरोधी है भवन बनने तक नहीं देना चाहता था ,यही परिवार है जिनके द्वारा पार्षद रहते हुए भवन को नहीं बनने देने के लिए मंत्री तक जाकर विरोध किए  जिसपर नगरपालिका अध्यक्ष श्री ऋषि शर्मा ने अभिताभ नामदेव को सही पाया था , उसी के परिवार के पार्षद होकर संतोष बबला नामदेव ने भवन को नहीं बनाने की पैरवी की वही दूसरी तरफ अभिताभ नामदेव ने उनको भरे नगर पालिका में सामाजिक चुनाव में मुकाबला करने की खुली चुनौती तक दी थी ,तब उठकर वह से संतोष नामदेव भाग खड़े हुए थे। खुद पार्षद परिवार भाई बहन तक ने मंत्री को जाकर बताया था कि बबला संतोष नामदेव उनके भाई ने किस प्रकार उनके ही परिवार तक द्वारा दान में समाज को जमीन दी गई थी उन्होंने नहीं दी है। और उनके साथ हुई मारपीट की वीडियो cd भी जारी की।

जिसका पट्टा भी बना होने की बात बताई गईं। जो आजतक समाज को नही मिल पाई ।

देखे फोटो में बाप बेटे ने किस प्रकार भवन को हड़पने तुरन्त पहुंच गए थे ,

प्रदेश अध्यक्ष रायपुर श्री ईश्वरी नामदेव ने बताया कि भाजपा सरकार के विधायक और मंत्री सांसद को भी अभिताभ नामदेव जिलाध्यक्ष रहते बुलाते है और उनलोगों ने नामदेव समाज के बीच अभिताभ नामदेव की प्रशंसा की ,जो पूर्व कांग्रेशी पार्षद परिवार को हजम नहीं हुई और इस तरह एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को अभिताभ को बदनाम की साजिश हुई है ।इस पर उनके ऊपर बड़ी सामाजिक कार्यवाही करने तक की बात कही

अभिताभ नामदेव ने अपने योगदान का जिक्र करते हुए कहा: “15 साल से जिलाध्यक्ष रहते हुए मैंने पूरे प्रदेश में सबसे पहला नामदेव समाज का भवन बनवाया, जिसका विरोध बाप-बेटे की जोड़ी ने खूब किया। समाज के लोग सब जानते हैं। मैं 2010 से भारत सरकार से पंजीकृत संपादक और 25 वर्ष से पत्रकार हूं। मैने पत्रकार जगत के एक बड़े संगठन का 7 वर्ष से जिलाध्यक्ष भी रहा हु,कभी समाज के किसी सदस्य या बाहरी व्यक्ति से मेरा कोई विवाद नहीं रहा।”

उन्होंने समाज के पदाधिकारियों का समर्थन बताते हुए कहा कि चुने हुए पदाधिकारी उनके साथ खड़े हैं। अभिताभ नामदेव ने झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ शिकायत करने की बात कही और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

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