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नीता अंबानी ने किया ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर

नई दिल्ली। रिलायंस फाउंडेशन अनाथ, बुजुर्ग और दिव्यांग जनों के लिए 100 एकड़ में आवासीय परिसर बनाने जा रहा है। रविवार को इसकी घोषणा रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने की।

परिसर का नाम ””नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय”” होगा जिसमें 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को अपना घर मिलेगा। रविवार को इस परिसर का भूमिपूजन किया गया।

महाराष्ट्र के कर्जत में करीब 100 एकड़ में बनने वाले इस परिसर में में 5,000 से अधिक अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को घर-परिवार जैसा माहौल और देखभाल उपलब्ध कराया जाएगा। भूमिपूजन में ईशा अंबानी भी शामिल हुईं। रिलायंस फाउंडेशन की यह गैर-लाभकारी पहल है। आवश्यक मंजूरी मिलने के साथ चरणबद्ध तरीके से इस परिसर को विकसित किया जाएगा।

खास बात यह है कि एक नवंबर को नीता अंबानी का जन्मदिन होता है और उन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर इस पहल की नींव रखी। अपने संबोधन में इस पहल को भारत मां के चरणों में एक मां की ओर से छोटी-सी भेंट बताया।

भूमिपूजन के मौके पर पर नीता अंबानी ने कहा कि अनंत आश्रय उनके और उनके परिवार के दिल के बेहद करीब है।

उन्होंने कहा, “एक मां के तौर पर मेरी सबसे बड़ी उम्मीद है कि जिन माता-पिता को जीवनभर यह चिंता रही है कि उनके न रहने पर बच्चों की देखभाल कौन करेगा, उन्हें यह भरोसा मिल सके कि उनके बच्चे का हमेशा अपना घर और परिवार होगा।” उन्हें अपने परिवार की तरह ही यहां प्यार मिलेगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां हर उम्र के व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने और हर नए दिन की ओर उम्मीद से देखने का अवसर मिलेगा।

अनंत आश्रय की परिकल्पना केवल एक आश्रय स्थल नहीं बल्कि ऐसे समुदाय के रूप में की गई है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अपनापन मिले। परिसर में परिवार जैसे छोटे-छोटे घर होंगे, जहां विशेष रूप से नियुक्त कर्मचारी उनकी देखभाल करेंगे।

प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत विकास की योजना तैयार होगी। इन लोगों की देखभाल करने के साथ यहां डाक्टर, शिक्षक व अन्य विशेषज्ञ लोग भी होंगे और उन सभी को मिलाकर यहां करीब 15 हजार लोगों का समुदाय विकसित होने की उम्मीद है।

प्रस्तावित परिसर में विशेष अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, फिजियोथेरेपी और अन्य चिकित्सा सुविधाओं के साथ शिक्षा, खेल, संगीत और कला के अवसर भी मिलेंगे। बेकरी, कैफे और हस्तशिल्प केंद्रों के जरिए रोजगार और कौशल विकास की व्यवस्था होगी।

परिसर में मंदिर, बगीचे और वनतारा के सहयोग से पशुओं के साथ जुड़ाव बढ़ाने वाला फार्म भी प्रस्तावित है। आसपास के गांवों के लोग भी यहां की कुछ सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। रिलायंस फाउंडेशन के मुताबिक इस परिसर में वोकेशनल ट्रेनिंग एवं रोजगार से जुड़े अन्य प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे। इनमें बेकरी, कैफे के संचालन के साथ विभिन्न प्रकार के कौशल सिखाए जाएंगे।

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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