छत्तीसगढ़

समिति में धान बेचने के लिए पंजीकृत किसान की अगर मृत्यु हो गया होगा तो समिति आकर सूचित करे, मृत किसान के नाम पर भूलकर भी टोकन ना काटे अन्यथा इस वर्ष धान बिक्री के लिए वंचित हो जायेंगे, धान बेचने के लिए शासन के नियमानुसार तहसील सकरी से मृत किसान के नाम से वारिसान पंजीयन होगा उसके पश्चात टोकन जारी होने के बाद ही धान बेच सकते है l

समिति में धान बेचने के लिए पंजीकृत किसान की अगर मृत्यु हो गया होगा तो समिति आकर सूचित करे, मृत किसान के नाम पर भूलकर भी टोकन ना काटे अन्यथा इस वर्ष धान बिक्री के लिए वंचित हो जायेंगे, धान बेचने के लिए शासन के नियमानुसार तहसील सकरी से मृत किसान के नाम से वारिसान पंजीयन होगा उसके पश्चात टोकन जारी होने के बाद ही धान बेच सकते है l

वारिसान पंजीयन के लिए दस्तावेज तैयार करके रखेंगे जब तहसील में पंजीयन प्रारम्भ होगा तब पंजीयन करवाने के बाद धान बेच पाएंगे.
दस्तावेज

  1. मृत किसान का मृत्यु प्रणाम पत्र की छायाप्रति
  2. मृत किसान का आधार कार्ड की छायाप्रति
  3. B-1 खसरा की छायाप्रति
  4. एग्रीस्टेक पंजीयन की छायाप्रति
  5. जिनके नाम से धान बेचना है (वारिस) के आधार कार्ड की छायाप्रति
  6. जिनके नाम से धान बेचना है (वारिस) के बैंक पासबुक (जिला सहकारी बैंक) की छायाप्रति
  7. एक से अधिक वारिस होने पर नोटरी किया हुआ सहमति पत्र स्टाम्प में.
  8. जिनको नमीनी बनाना है उसका आधार कार्ड की छायाप्रति
  9. ऋण पुस्तिका की छायाप्रति
  10. वंश वृक्ष
  11. जिनके नाम से पंजीयन करवाना है उनका 3 पासपोर्ट साइज फोटो
    नोट: (1) एक सेट समिति में सदस्य बनने के लिए.
    (2) एक सेट तहसील कार्यालय में वारिसान पंजीयन करवाने के लिए.

सभी दस्तावेजों का 2 सेट फोटोकॉपी तैयार करके समिति कार्यालय को सूचित करेंगे.
अधिक जानकारी के लिए समिति में उपस्थित कर्मचारी से सम्पर्क कर लेंगे.
धन्यवाद 🙏🏻

सबका संदेश

2004 से पत्रकारिता से जुड़े,2010 से भारत सरकार अखबार संपादक, पत्रकार संघ जिलाध्यक्ष 2019,25से अब तक, 2011 से समाज के जिलाध्यक्ष अब तक

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